RJD विधायक ने JDU नेता को घर में बंधक बनाकर पीटा, तोड़ा हाथ-पैर, लगाए बेहद गंभीर आरोप

RJD - JDU : जदयू के प्रखंड उपाध्यक्ष रेहान फैजल को राजद विधायक सैयद रुकनुद्दीन अहमद ने बंधक बनाकर बेरहमी से पीटा. रेहान ने बताया कि पानी मांगने पर उन्हें पेशाब पिलाया गया.

RJD – JDU: पूर्णिया जिले के बायसी के राजद विधायक सैयद रूकनुद्दीन ने प्रखंड के जदयू उपाध्यक्ष रेहान फजल की बेरहमी से पिटाई की. पिटाई में जदयू उपाध्यक्ष के बायें हाथ और दाहिने पैर की दो जगह हड्डी टूट गयी. घायल रेहान फजल का इलाज राजकीय मेडिकल कॉलेज अस्पताल में चल रहा है. बायसी थानाध्यक्ष संजीव कुमार ने बताया कि घायल मो. रेहान फजल के फर्दबयान पर विधायक रूकनुद्दीन समेत छह पर नामजद प्राथमिकी दर्ज की गयी है. दर्ज प्राथमिकी में विधायक के अलावा उनके चार भाईयों के नाम शामिल हैं. इन सभी पर भारतीय न्याय संहिता के 191(2), 191(3), 190, 127 (1), 127 (2), 115 (2), 118(1),123,351,352 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गयी है.

घटना का कारण पुरानी दुश्मनी बताया

घटना बुधवार की शाम करीब 6 बजे बायसी थानाक्षेत्र के बेरिया स्थित विधायक के मार्केट के पास हुई. घायल रेहान फजल ने बताया कि बुधवार की शाम करीब 6 बजे वह अपना जॉब कार्ड चेक करने गये थे. इसी बीच, विधायक के भाई जैकेउद्दीन, सैयद गुलाम गौस, सैयद हसनैन, सैयद गुलाम रसूल और मो. दस्तगीर उनके पास आये और यह कहकर उसे पकड़कर ले गये कि विधायक बुला रहे हैं. वे लोग विधायक के घर पर ले गये और बाइक के अगला सॉकर से अचानक सभी आदमी एवं विधायक सैयद रूकनुद्दीन मारने लगे. इसी बीच, किसी व्यक्ति ने उनके घर पर सूचना दी. सूचना मिलने पर उनकी मां, बहन और परिवार के अन्य सदस्य भी पहुंच गये. तब तक बायसी पुलिस भी वहां पहुंच गयी. घायल रेहान ने पुलिस को घटना का कारण पुरानी दुश्मनी बताया है.

विरोध में आवाज उठाने पर मिली सजा

घायल रेहान फजल ने बताया कि पिटाई की घटना से तीन दिन पहले बेरिया में जदयू के प्रखंड अध्यक्ष एवं पार्टी के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष शाहिद रजा की अध्यक्षता में एनडीए सरकार की योजनाओं को लेकर एक बैठक हुई थी. इस बैठक में उन्होने विधायक पर मनरेगा जॉब कार्ड में अपने परिवार के लोगों का नाम देने और पैसा गबन करने का मामला उठाया था. इससे पूर्व भी उन्होंने मनरेगा जॉब कार्ड में विधायक के परिवार का नाम देने को लेकर आवाज उठाया था. इसी बात को लेकर विधायक उनसे खफा चल रहे थे.

पानी मांगने पर दिया पेशाब से भरा ग्लास

पीड़ित ने बताया कि जब उन्हें लगा कि पिटाई से उनकी जान चली जायेगी तब अपनी मदद के लिए वे जोर जोर से शोर मचा रहे थे. शोर मचाने पर उनका गला सूख रहा था. पानी मांगा तो ग्लास में पेशाब लाकर दे दिया. पानी में पेशाब का गंध आने पर उसने ग्लास फेंक दिया. उन्होंने बताया कि घटना के बाद उनके द्वारा बायसी थाना में विधायक एवं उनके भाई के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है. घटना की सूचना जदयू के जिला एवं प्रदेश स्तर के पदाधिकारियों को दी गयी है. उन्होंने बताया कि वे वर्ष 2009 से बायसी प्रखंड के जदयू उपाध्यक्ष के पद पर हैं.

विधायक ने कहा- आरोप पूरी तरह निराधार

विधायक रूकनुद्दीन ने सभी आरोप को निराधार बताया और कहा कि जो मारपीट हुई, इसमें न तो मैं था और न ही मेरा भाई था. यह मामला स्थानीय स्तर पर घटी है. रेहान ने तबरेज को मारा था, यह मामला थाना में है. मुझे घटना के दो घंटे बाद सूचना मिली. मैंने ही बायसी थाना को सूचना दी. वह पूर्व से ही बिगड़ा हुआ है. गाड़ी चोरी के मामले में जेल भी गया है. मूत्र पिलाने की बात मानवता को शर्मशार करने की बात है. इसकी मेडिकल जांच होनी चाहिए. मनरेगा जॉब कॉर्ड का मामला निराधार है. तालाबों में जो वृक्षारोपण होता था, उसमें जमीन मालिक को जॉब कार्ड खोलवाने का प्रावधान था. लेकिन 2020 में ही उनकी पत्नी का जॉब कार्ड डिलिट हो गया है.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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