बिना आमसभा के चयनित छह आशा की बहाली हुई रद्द

प्रभात इंपैक्ट

प्रभात इंपैक्ट प्रतिनिधि, कसबा. बिना आम सभा किए, बिना प्रचार प्रसार के ही प्रखंड में आशा का चयन होने के मामले को प्रभात खबर अखबार ने प्रमुखता के साथ उठाया. 30 मई को छपी खबर ”कसबा में आशा के चयन में धांधली की आशंका, बीडीओ ने लिया संज्ञान” के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया. कसबा प्रखंड के सब्दलपुर, सधुबैली, बनैली एवं मोहनी पंचायत में गलत तरीके से चयनित छह आशा कर्मियों की बहाली रद्द कर दी गई. मामले को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कसबा के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ कृष्ण मोहन दास के ज्ञापांक 213 दिनांक 30 मई 2025 के द्वारा प्रखंड के सब्दलपुर, सधुबैली, बनैली एवं मोहनी पंचायत के मुखिया को सूचना दी गई कि 20 से 25 मई के बीच आपके पंचायत में आशा कर्मियों के चयन में अपनायी गयी प्रक्रिया के विरुद्ध शिकायत प्राप्त हुई है. इसको संदेहास्पद मानते हुए तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाता है. अगले चयन हेतु आम सभा की तिथि पत्र के माध्यम से बाद में दी जाएगी. बताते चलें कि सब्दलपुर में 2, सधुबैली में 2, बनैली व मोहनी पंचायत में 1-1 आशा कर्मी यानी कुल 6 आशा कर्मियों के चयन को रद्द कर दिया गया है. बताते चलें कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा कसबा प्रखंड में कुल 62 आशा कर्मियों का चयन किया जाना है. इसमें प्रखंड के 12 पंचायतों में 47 एवं नगर परिषद् कसबा में 15 आशा कर्मियों का चयन किया जाना है.अचरज की बात है कि नगर परिषद कसबा के मुख्य पार्षद कुमारी छाया एवं कार्यपालक पदाधिकारी दीपक कुमार जयसवाल को भी नहीं पता है कि नगर परिषद में कुल 15 आशा का चयन किया जाना है. मामले को लेकर नगर परिषद कसबा के मुख्य पार्षद कुमारी छाया व कार्यपालक पदाधिकारी दीपक कुमार जयसवाल ने दूरभाष पर जानकारी देते हुए बताया कि उन्हें खुद पता नहीं है कि नगर में कोई आशा कर्मियों का भी चयन होना है. सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कसबा के द्वारा चयन के संबंध में कोई भी लिखित या मौखिक जानकारी नहीं दी गई है. साथ ही किसी भी पार्षद को भी कोई चिठ्ठी नहीं दी गई है. वहीं मामले को लेकर कसबा विधायक मो अफाक आलम ने पूर्णिया के सिविल सर्जन से पूरे मामले की जांच करते हुए दोषी कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. विधायक मो अफाक आलम ने कहा कि अगर पंचायत में बहाली में गड़बड़ी की गई है तो नगर में भी गड़बड़ी हुई है इसलिए दोनों जगह में चयनित आशा कर्मियों की बहाली रद्द की जाए.

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By ARUN KUMAR

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