सीमांचल के प्रमुख जिले पूर्णिया में सुबह से ही मौसम बेहद सुहावना बना हुआ है. आसमान में खिली हल्की धूप और बादलों की लुकाछिपी के बीच मौसम विज्ञान केंद्र ने जिले में बारिश और आंधी को लेकर अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, सोमवार को पूर्णिया में गरज-चमक के साथ कहीं हल्की तो कहीं मध्यम दर्जे की बारिश हो सकती है, जिसको लेकर 'येलो अलर्ट' जारी किया गया है. वहीं आने वाले दिनों में मानसून की सक्रियता और अधिक बढ़ने वाली है, जिसको लेकर 10 से 12 सितंबर के बीच भारी से अति भारी बारिश का 'ऑरेंज अलर्ट' घोषित किया गया है.
धूल भरी आंधी और बादलों का डेरा, अधिकतम पारा 32.9°C रहने का अनुमान
पूर्णिया मौसम पूर्वानुमान इंडेक्स के मुताबिक, दिनभर आसमान में घने बादलों की आवाजाही बनी रहेगी. इस दौरान कुछ इलाकों में तेज रफ्तार धूल भरी हवाएं (आंधी) चलने और एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ मध्यम बारिश की बौछारें पड़ने की पूरी संभावना है. तापमान की बात करें तो सोमवार को जिले का अधिकतम तापमान 32.9 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26.0 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किए जाने का अनुमान है. हवाओं में ठंडक घुलने से लोगों को चिपचिपी गर्मी से राहत मिली है.
अगले 48 घंटे सामान्य, फिर 10 सितंबर से बरपेगा बादलों का कहर
मौसम विभाग के पूर्वानुमान इंडेक्स के अनुसार, पूरे सप्ताह जिलेवासियों को बारिश से राहत मिलने के आसार नहीं हैं. हालांकि, मंगलवार और बुधवार (अगले दो दिनों) के लिए मौसम विभाग ने कोई बड़ी चेतावनी जारी नहीं की है और मौसम अपेक्षाकृत सामान्य रहेगा. लेकिन इसके फौरन बाद यानी 10, 11 और 12 सितंबर को मौसम का रुख बेहद आक्रामक हो सकता है.
10 से 12 सितंबर के लिए 'ऑरेंज अलर्ट': मूसलाधार बारिश की चेतावनी
मौसम विज्ञान केंद्र ने 10 सितंबर से लेकर 12 सितंबर तक के लिए पूर्णिया सहित सीमांचल के हिस्सों में 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है. इस दौरान व्यापक पैमाने पर मूसलाधार बारिश होने, वज्रपात (आकाशीय बिजली) गिरने और तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है.
प्रशासन की अपील: सतर्क रहें किसान और आम नागरिक
लगातार हो रही बारिश और आने वाले दिनों में भारी वर्षा के अलर्ट को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग और कृषि विभाग ने किसानों व आम नागरिकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है. खराब मौसम और मेघगर्जन के दौरान खुले खेतों, जलजमाव वाले स्थानों और पेड़ों के नीचे जाने से बचने तथा सुरक्षित पक्के मकानों में शरण लेने की अपील की गई है, ताकि किसी भी प्रकार के जान-माल के नुकसान से बचा जा सके.
