पूर्णिया. नीट प्रश्न पत्र लीक मामले को लेकर छात्रों में भारी आक्रोश और शिक्षा व्यवस्था के प्रति अविश्वास बढ़ता जा रहा है. पूर्व उपाध्यक्ष बीस सूत्री कार्यक्रम व क्रियान्वयन समिति तथा पूर्व सीनेट सदस्य, पूर्णिया विश्वविद्यालय राकेश कुमार ने कहा कि लाखों मेहनती छात्रों का भविष्य सरकार की कमजोर व्यवस्था के कारण प्रभावित हुआ है. उन्होंने कहा कि इस गंभीर मुद्दे पर जिस स्तर पर लोकतांत्रिक विरोध होना चाहिए था, वह देखने को नहीं मिला. कुछ राजनीतिक दलों ने केवल सीमित समय तक विरोध किया, जबकि बड़े नेताओं और संस्थानों की चुप्पी छात्रों को निराश कर रही है. राकेश कुमार ने कहा कि बार-बार होने वाली प्रश्न पत्र लीक की घटनाएं शिक्षा व्यवस्था की खामियों को उजागर करती हैं. केवल जांच और कार्रवाई नहीं, बल्कि स्थायी व्यवस्था परिवर्तन की आवश्यकता है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों. उन्होंने सरकार से नीट सहित सभी प्रतियोगी परीक्षाओं की सुरक्षा को लेकर उच्चस्तरीय बैठक बुलाने और कठोर निर्णय लेने की मांग की. साथ ही छात्रों से सोशल मीडिया और लोकतांत्रिक माध्यमों से अपनी आवाज उठाने की अपील की.
नीट प्रश्न पत्र लीक मामले को लेकर उठे व्यवस्था पर सवाल
नीट प्रश्न पत्र लीक मामले को लेकर छात्रों में भारी आक्रोश और शिक्षा व्यवस्था के प्रति अविश्वास बढ़ता जा रहा है.
