वोकेशनल कोर्सेस पर सचेत हुआ पूर्णिया विवि, उच्च शिक्षा विभाग की बैठक में उठाया मसला

उच्च शिक्षा विभाग की बैठक में उठाया मसला

प्रतिनिधि, पूर्णिया. वोकेशनल कोर्सेस पर आये तकनीकी अड़चन पर पूर्णिया विवि अब सचेत हो गया है. सोमवार को उच्च शिक्षा विभाग की बैठक में पूर्णिया विवि ने वोकेशनल कोर्सेस पर अपना पक्ष रखा. कुलपति प्रो. राजनाथ यादव ने उच्चाधिकारियों से छात्रहित में जल्द से जल्द निर्णय लिये जाने की जरूरत बतायी. इस बैठक में कुलपति प्रो. राजनाथ यादव और प्रतिकुलपति प्रो. पवन कुमार झा दोनों शामिल हुए. वीसी-प्रोवीसी ने वोकेशनल कोर्सेस को प्रमुखता से अपने एजेंडे में शामिल किया था. प्रोवीसी प्रो. पवन कुमार झा ने बताया कि सेवानिवृत शिक्षक व कर्मियों के चार महीने से पेंशन रोके जाने पर उन्होंने राज्य सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया. उन्होंने राज्यकर्मियों की तरह सेवानिवृत विवि शिक्षकों व कर्मियों को पेंशन दिये जाने पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और विवि के बीच के मसले से पेंशनधारियों को अलग रखा जाना चाहिए. प्रोवीसी ने आउटसोर्सिंग कर्मियों की कॉलेजों में नियुक्ति को नियमितीकरण करते हुए उचित मानदेय और आरक्षण रोस्टर के अनुपालन पर जोर दिया. गौरतलब है कि एआइसीटीइ की नयी गाइडलाइन में कंप्यूटर और मैनेजमेंट कोर्स के संचालन के लिए एआइसीटीइ की स्वीकृति आवश्यक है. इस स्वीकृति के लिए सभी संस्थानों को नियमों के अनुरूप भौतिक और मानव संसाधन दर्शाना है. इसे लेकर पूर्णिया विवि ने सत्र 2024-27 में वोकेशनल कोर्स के नामांकन को टाल दिया है. जबकि विशेषज्ञों का दावा है कि अनुदान के लिए ही एआइसीटीइ के अनुमोदन की आवश्यकता है. इधर, राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद के पोर्टल की एफीलिएटिंग बॉडी में अभी भी पैतृक विवि बीएनएमयू का ही नाम चल रहा है. इससे पूर्णिया विवि के अधीन बीएड कॉलेजों के छात्र-छात्राओं में ऊहोपोह की स्थिति है. तकनीकी कारणों से शून्य सत्र होने से विधि संकाय भी औचित्यविहीन हो रहा है.

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By Prabhat Khabar News Desk

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