Purnia News: पूर्णिया में आम लोगों को अपनी छोटी-बड़ी समस्याओं के लिए अलग-अलग सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत देने की पहल की गई है. वार्ड नंबर 7 के ब्रजेश नगर स्थित अनुसूचित जाति टोला में सहयोग शिविर लगाया गया, जहां नागरिकों को सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ एक ही जगह उपलब्ध कराने की कोशिश की जा रही है.
महान संत रविदास जी की 650वीं जयंती के अवसर पर समरसता संकल्प अभियान के तहत आयोजित इस शिविर का शुभारंभ जिलाधिकारी अंशुल कुमार, महापौर विभा कुमारी, विधायक विजय खेमका, उप महापौर पल्लवी गुप्ता, नगर आयुक्त अनिरुद्ध पांडे, प्रशिक्षु आइएएस कुमुद मिश्रा और जदयू जिलाध्यक्ष प्रकाश पटेल ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया.
शिविर में स्थानीय निवासियों के साथ बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे.
आखिर क्यों लगाया गया सहयोग शिविर
सरकारी योजनाएं कागज पर तो कई जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचती हैं, लेकिन पात्र होने के बावजूद कई लोग जानकारी के अभाव, आवेदन की प्रक्रिया या विभागीय स्तर पर होने वाली परेशानियों के कारण लाभ से वंचित रह जाते हैं.
इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए सहयोग शिविर का आयोजन किया गया. इसका उद्देश्य अनुसूचित जाति और अन्य जरूरतमंद परिवारों को विभिन्न सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराना है.
इसके साथ ही नागरिकों की ओर से आने वाली शिकायतों और समस्याओं को सुनकर उनका त्वरित एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया.
डीएम ने कहा- अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे योजनाओं का लाभ
जिलाधिकारी अंशुल कुमार ने कहा कि सरकार की योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा माना जाएगा, जब उसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे.
उन्होंने कहा कि इस तरह के शिविर प्रशासन और आम नागरिकों के बीच सीधे संवाद का प्रभावी माध्यम हैं. इससे लोगों को अपनी समस्याएं अधिकारियों के सामने रखने का अवसर मिलता है और प्रशासन को भी जमीनी स्तर की परेशानियों को समझने में मदद मिलती है.
शिविर में प्राप्त आवेदनों का नियमानुसार निष्पादन सुनिश्चित करने की बात भी जिलाधिकारी ने कही. इसके अलावा योजनाओं से वंचित लेकिन पात्र लाभुकों की पहचान कर उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.
महापौर ने क्यों बताया इसे खास पहल
महापौर विभा कुमारी ने कहा कि यह शिविर सिर्फ शिकायत दर्ज कराने का माध्यम नहीं है. इसका उद्देश्य आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी समाधान करना भी है.
उन्होंने कहा कि नगर निगम और सरकार से जुड़ी अधिक से अधिक सेवाओं का लाभ नागरिकों को एक ही स्थान पर आसानी से मिल सके, इसके लिए प्रयास किया जा रहा है.
महापौर के इस बयान से साफ है कि शिविर को सिर्फ एक दिन के कार्यक्रम के रूप में नहीं, बल्कि नागरिकों और प्रशासन के बीच सीधे संपर्क के माध्यम के तौर पर देखा जा रहा है.
हजारों नगरवासी पहुंचे, स्टॉल का किया निरीक्षण
सहयोग शिविर में बड़ी संख्या में नगरवासी पहुंचे. विभिन्न सेवाओं और योजनाओं से संबंधित स्टॉल लगाए गए थे, जहां नागरिकों की समस्याओं और जरूरतों को समझने की कोशिश की गई.
जिलाधिकारी, महापौर और अन्य अधिकारियों ने शिविर में लगाए गए स्टॉल का निरीक्षण भी किया. अधिकारियों ने मौके पर मौजूद कर्मचारियों से व्यवस्थाओं की जानकारी ली.
स्थानीय लोगों की बड़ी मौजूदगी यह बताती है कि सरकारी योजनाओं और सेवाओं को लेकर नागरिकों की जरूरत काफी अधिक है. ऐसे में शिविर के माध्यम से कितने आवेदनों का निष्पादन होता है और कितने पात्र परिवारों को वास्तविक लाभ मिलता है, यह इसकी सफलता का महत्वपूर्ण पैमाना होगा.
अब असली सवाल- आवेदनों का समाधान कब तक होगा
शिविर में समस्या सुनना पहला कदम है, लेकिन आम नागरिकों के लिए असली राहत तब होगी जब आवेदन और शिकायतों का समय पर समाधान हो.
प्रशासन ने आवेदनों का नियमानुसार निष्पादन सुनिश्चित करने की बात कही है. अब जरूरत इस बात की है कि शिविर में सामने आए मामलों की विभागवार निगरानी हो और पात्र लाभुकों को योजनाओं का लाभ वास्तव में मिले.
खासकर उन परिवारों के लिए यह पहल महत्वपूर्ण हो सकती है, जो सरकारी योजनाओं के पात्र होने के बावजूद अब तक उनका लाभ नहीं ले पाए हैं.
Purnia News: प्रशासन और नागरिकों के बीच सीधा संवाद
पूर्णिया के ब्रजेश नगर में आयोजित सहयोग शिविर की सबसे बड़ी खासियत यही रही कि एक ही स्थान पर आम नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी रही.
ऐसे आयोजनों से लोगों को अपनी समस्या सीधे अधिकारियों तक पहुंचाने का अवसर मिलता है. वहीं प्रशासन को भी यह पता चलता है कि योजनाओं का लाभ जमीन पर पहुंचने में कहां दिक्कत आ रही है.
अब इस शिविर में मिले आवेदनों पर होने वाली कार्रवाई यह तय करेगी कि नागरिकों को मिली यह सुविधा कितनी प्रभावी साबित होती है.
