Purnia News: पूर्णिया के रामबाग स्थित मिल्लिया कान्वेंट इंग्लिश स्कूल में आयोजित विज्ञान प्रदर्शनी ने यह साबित कर दिया कि छोटे शहरों के बच्चों में भी बड़े वैज्ञानिक सपने पल रहे हैं. विद्यालय परिसर में दो दिनों तक चली इस प्रदर्शनी में नर्सरी से लेकर कक्षा 12 तक के विद्यार्थियों ने विज्ञान, तकनीक और नवाचार पर आधारित दर्जनों मॉडल प्रस्तुत किए. प्रदर्शनी का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, रचनात्मक सोच, जिज्ञासा और प्रयोग की भावना को बढ़ावा देना था.
विद्यालय के प्राचार्य युगल किशोर झा ने कहा कि जीवन में सफलता के लिए ज्ञान आवश्यक है और जब यही ज्ञान विशेषज्ञता के स्तर तक पहुंचता है तो विज्ञान का रूप ले लेता है. उन्होंने कहा कि आज के बच्चों में वैज्ञानिक प्रयोग करने और नई चीजें बनाने की उत्सुकता पहले से कहीं अधिक है. जरूरत केवल उन्हें सही दिशा और मंच देने की है.
नन्हे बच्चों ने दिखाई अंतरिक्ष और रोबोटिक्स में रुचि
प्रदर्शनी की सबसे खास बात यह रही कि सबसे छोटे विद्यार्थियों ने भी कल्पनाशील और वैज्ञानिक मॉडल तैयार किए. नर्सरी, एलकेजी और यूकेजी के बच्चों ने अंतरिक्ष में भारत की उपलब्धियों और रोबोटिक्स की दुनिया से जुड़े मॉडल प्रस्तुत किए. पहली कक्षा के विद्यार्थियों ने सौरमंडल, खगोलीय पिंड और जीव विज्ञान पर आधारित मॉडल तैयार कर अपनी समझ का परिचय दिया.
कक्षा दो और तीन के छात्रों ने भौतिकी और जीव विज्ञान से जुड़े प्रयोगों को मॉडल के माध्यम से समझाया, जबकि कक्षा चार के विद्यार्थियों ने प्राकृतिक घटनाओं को दर्शाने वाले आकर्षक मॉडल प्रस्तुत किए.
AI, रोबोटिक्स और स्मार्ट तकनीक ने खींचा ध्यान
कक्षा पांच और छह के विद्यार्थियों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रोबोटिक्स और आधुनिक तकनीक पर आधारित मॉडल बड़े सलीके से प्रस्तुत किए. वहीं कक्षा सात के छात्रों ने ईवीएम, चंद्रयान, गटर क्लीनर, वेस्ट मैनेजमेंट, सोलर ओवन, ड्रोन, फ्लड डिटेक्टर, स्मार्ट सिटी, स्मार्ट ब्लाइंड ग्लास और मैंग्रोव ट्रेन जैसे उपयोगी मॉडल प्रदर्शित किए.
इन मॉडलों को देखने के लिए बड़ी संख्या में अभिभावक और अतिथि रुके रहे. कई मॉडल ऐसे थे जो वास्तविक जीवन की समस्याओं का समाधान प्रस्तुत करते दिखाई दिए.
वरिष्ठ विद्यार्थियों ने पेश किए भविष्य की तकनीक वाले मॉडल
कक्षा आठ के विद्यार्थियों ने इलेक्ट्रोमैग्नेट, रेन वॉटर हार्वेस्टिंग और एयर वाटर जेनरेटर जैसे मॉडल प्रस्तुत किए. कक्षा नौ के छात्रों ने कार्बन शोधक, लाइन फॉलोइंग रोबोट, स्मार्ट फार्मर स्टिक, होम डायलासिस सिस्टम और स्मार्ट आवास जैसे अत्याधुनिक मॉडल तैयार किए.
कक्षा दस के विद्यार्थियों ने स्मार्ट सिंचाई व्यवस्था, बोतल रॉकेट, वायु शुद्धिकरण संयंत्र और आधुनिक कृषि तकनीक से जुड़े मॉडल प्रस्तुत किए. सबसे अधिक उत्साह कक्षा 11 और 12 के विद्यार्थियों के मॉडल को लेकर देखा गया, जिन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित कृषि फार्म, न्यूक्लियर रिएक्टर और एसी जेनरेटर का प्रदर्शन किया.
विशेषज्ञों ने कहा- यही बच्चे भविष्य के शोधकर्ता बनेंगे
मिल्लिया एजुकेशनल ट्रस्ट के सचिव-सह-निदेशक डॉ असद इमाम ने विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि भविष्य विज्ञान और तकनीकी नवाचार का है. ऐसे आयोजन बच्चों में शोध और प्रयोग की संस्कृति विकसित करते हैं. ट्रस्ट के सहायक निदेशक आदिल इमाम ने विज्ञान को जीवन की अनिवार्यता बताते हुए कहा कि वैज्ञानिक सोच ही समाज और देश को आगे बढ़ाती है.
प्रदर्शनी के पहले दिन इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल पूर्णिया की प्राचार्य किस्मत आरा मुख्य अतिथि रहीं, जबकि दूसरे दिन मिल्लिया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के प्राचार्य डॉ शाकिब शकील ने प्रदर्शनी का निरीक्षण किया.
Purnia News: निर्णायकों ने मॉडल का किया मूल्यांकन
प्रदर्शनी के दौरान प्रमोद कुमार झा, अजय कुमार झा, सरफराज, शादाब अयूबी, पूजा कुमारी, आशा, स्वीटी कुमारी और गुलनशीं सहित निर्णायक मंडल के सदस्यों ने सभी मॉडलों का निरीक्षण किया. विद्यालय के उप प्राचार्य मो तनवीर अशरफ जोबैर, एकेडमिक इंचार्ज विश्वजीत साहा और शिक्षकों की पूरी टीम ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
यह प्रदर्शनी केवल एक स्कूल कार्यक्रम नहीं रही, बल्कि यह संदेश भी दे गई कि पूर्णिया जैसे शहरों में भी ऐसे बच्चे तैयार हो रहे हैं जो आने वाले समय में वैज्ञानिक, शोधकर्ता और तकनीकी नवप्रवर्तक बन सकते हैं.
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