Purnia News: पूर्णिया के जानकीनगर से नितेश कुमार राय की रिपोर्ट. पूर्णिया जिले के नगर पंचायत जानकीनगर के चोपड़ा बाजार में स्वीकृति मिलने के बाद भी अग्निशमन केंद्र की यूनिट अब तक धरातल पर नहीं उतर सकी है. स्थानीय लोगों के अनुसार पहले यहां छोटा दमकल वाहन उपलब्ध कराया गया था, लेकिन बाद में उसे भी हटा लिया गया. वर्तमान में आग लगने की स्थिति में बनमनखी से दमकल वाहन बुलाना पड़ता है, जिससे आग पर काबू पाने में काफी देर हो जाती है और नुकसान बढ़ जाता है.
आग लगते ही बढ़ जाता है नुकसान का खतरा
स्थानीय लोगों का कहना है कि जानकीनगर क्षेत्र में अगलगी की घटनाएं अक्सर होती रहती हैं. लेकिन फायर स्टेशन न होने के कारण हालात बेहद चुनौतीपूर्ण हो जाते हैं. जब तक बनमनखी से दमकल पहुंचता है, तब तक आग विकराल रूप ले चुकी होती है और संपत्ति का बड़ा नुकसान हो जाता है.
लोगों ने बताया कि पहले थाना परिसर में छोटा दमकल वाहन रखा गया था, लेकिन वह भी अब उपलब्ध नहीं है, जिससे स्थिति और गंभीर हो गयी है.
स्वीकृति के बाद भी शुरू नहीं हुई यूनिट
स्थानीय ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को लिखित आवेदन देकर जानकीनगर में अग्निशमन केंद्र की यूनिट खोलने की मांग की थी. इसके बाद सांसद स्तर से भी जिला पदाधिकारी को पत्र भेजा गया.
इसके परिणामस्वरूप चोपड़ा बाजार में अग्निशमन केंद्र की यूनिट खोलने की स्वीकृति तो मिल गयी, लेकिन अभी तक न तो दमकल वाहन पहुंचा है और न ही केंद्र का संचालन शुरू हो पाया है.
जमीन और संसाधन की भी उठी मांग
ग्रामीणों ने मांग की है कि जानकीनगर में सरकारी जमीन का अधिग्रहण कर स्थायी अग्निशमन केंद्र का भवन बनाया जाए. उनका कहना है कि क्षेत्र में बढ़ती आबादी और बाजार गतिविधियों को देखते हुए यह बेहद जरूरी हो गया है.
पुरानी गाड़ियों पर बढ़ा दबाव
इस मामले पर सहायक अग्निशालय पदाधिकारी पूर्णिया Suri Chauhan ने बताया कि बनमनखी फायर स्टेशन में मौजूद वाहन काफी पुराने हैं और अक्सर खराब हो जाते हैं. किसी तरह उन्हें मरम्मत कर आग बुझाने के काम में लगाया जाता है.
उन्होंने यह भी कहा कि यदि एक बड़ा वाहन जानकीनगर भेजा जाता है तो बनमनखी की व्यवस्था प्रभावित हो सकती है. इसी कारण नई यूनिट की जरूरत और भी बढ़ जाती है.
अनुमंडल अग्निशामालय पदाधिकारी बनमनखी Ranjan Kumar ने बताया कि जानकीनगर में फायर यूनिट खोलने के लिए प्रस्ताव भेजा गया है और पानी भरने के लिए हाइड्रेंट लगाने की भी सिफारिश की गई है.
लोगों की उम्मीदें अब भी कायम
स्थानीय लोगों का कहना है कि स्वीकृति के बावजूद देरी चिंता बढ़ा रही है. उनका मानना है कि अगर समय पर अग्निशमन केंद्र शुरू हो जाए तो कई बड़ी आग की घटनाओं से बचाव संभव है.
अब लोगों की नजर प्रशासन पर टिकी है कि कब जानकीनगर में फायर यूनिट का संचालन शुरू होता है.
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