पूर्णिया में हड़ताल के बीच 38 हजार की निकासी पर बवाल, सचिव पर कार्रवाई की तैयारी

Purnia News: पूर्णिया में हड़ताल के बीच सरकारी खजाने से पैसे की निकासी ने अमौर प्रखंड में बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है. नियमों के उल्लंघन और वित्तीय गड़बड़ी के आरोप ने पंचायत प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

Purnia News: पूर्णिया के अमौर से सुनील कुमार की रिपोर्ट. बिहार राज्य पंचायत सचिव संघ की अनिश्चितकालीन हड़ताल के बीच अमौर प्रखंड के विष्णुपुर पंचायत में वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है. पंचायत सचिव नाजिम अंसारी पर हड़ताल अवधि के दौरान 15वीं वित्त योजना से 38 हजार रुपये की अवैध निकासी करने का आरोप लगाया गया है. मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक स्तर पर जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.

हड़ताल के दौरान निकासी से बढ़ा विवाद

जानकारी के अनुसार बिहार में पंचायत सचिव 8 अप्रैल से अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर थे. इस दौरान सभी प्रकार के वित्तीय कार्यों पर रोक लगी हुई थी.

इसके बावजूद आरोप है कि नाजिम अंसारी ने ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर अपने डिजिटल सिग्नेचर (DSC) का उपयोग कर 38 हजार रुपये की निकासी कर ली, जो नियमों का स्पष्ट उल्लंघन माना जा रहा है.

प्रखंड स्तर पर जांच शुरू

अमौर प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी Nuton Kumari ने बताया कि हड़ताल अवधि में वित्तीय कार्य करना पूरी तरह अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है.

उन्होंने कहा कि विभागीय निर्देश के तहत मामले की जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी. इस संबंध में उच्च स्तर पर भी पत्राचार किया गया है.

विभागीय नियमों का उल्लंघन

पंचायती राज विभाग के निर्देश के अनुसार हड़ताल के दौरान सभी पंचायत सचिवों को वित्तीय अधिकार से दूर रहना था. लेकिन इस मामले में नियमों की अनदेखी सामने आई है.

विभागीय पत्रांक 7379 के अनुसार ऐसे मामलों में बिहार सरकारी सेवक नियमावली 2005 के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रावधान है.

डोंगल जमा करने का आदेश

विवाद को देखते हुए सभी हड़ताली पंचायत सचिवों को अपने डिजिटल सिग्नेचर (DSC) और डोंगल को प्रखंड कार्यालय में जमा करने का निर्देश दिया गया है, ताकि भविष्य में इस तरह की वित्तीय अनियमितता पर रोक लगाई जा सके.

आगे की कार्रवाई पर नजर

फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है. प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद दोषी पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.

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लेखक के बारे में

Published by: Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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