पूर्णिया में मक्का 10 रुपये तक महंगा, दलहन-तेलहन में ठहराव—किसानों की नजर आगे की डिमांड पर

Purnia Mandi गुलाबबाग मंडी में शुक्रवार को अनाज बाजार ने दो अलग-अलग तस्वीरें दिखाईं—मक्का ने जहां किसानों को थोड़ी राहत दी, वहीं दलहन और तेलहन की सुस्ती ने कारोबार को ठंडा रखा.

Purnia Mandi : पूर्णिया गुलाबबाग मंडी से सामने आई ताजा रिपोर्ट के अनुसार गुलाबबाग मंडी पूर्णिया में शुक्रवार को कारोबार मिला-जुला रहा. मक्का के दाम में करीब 10 रुपये तक की तेजी दर्ज की गई, जिससे किसानों में हल्की उम्मीद जगी है, जबकि बाकी अनाजों में सुस्ती का असर साफ दिखा. मंडी में आवक अच्छी रही, लेकिन खरीदारी सीमित होने से कुल कारोबार दबाव में रहा.

मक्का ने दिखाई हल्की मजबूती, आवक रही 500 से ज्यादा गाड़ियां

शुक्रवार को मंडी में मक्का की आवक 500 गाड़ियों से अधिक रही. बेहतर क्वालिटी की फसल आने के कारण कारोबारियों ने खरीदारी में थोड़ी दिलचस्पी दिखाई, जिससे दामों में 10 रुपये तक का उछाल दर्ज हुआ. हालांकि व्यापारियों का मानना है कि यह तेजी स्थायी नहीं है और जब तक बाहरी राज्यों से मांग नहीं बढ़ती, तब तक दाम इसी दायरे में बने रह सकते हैं.

दलहन और तेलहन बाजार में सुस्ती, बिकवाली कमजोर

मक्का की मजबूती के उलट दलहन और तेलहन बाजार में सुस्ती का माहौल रहा. चावल और गेहूं में भी मांग कमजोर दिखी और कारोबार सीमित रहा. व्यापारियों के अनुसार खरीदारों की कमी और स्टॉक की स्थिति के कारण बाजार में तेजी का कोई बड़ा संकेत फिलहाल नहीं है.

आलू-प्याज में उतार-चढ़ाव, कारोबारियों की नजर रुख पर

आलू और प्याज के भाव में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिला. बिकवाली कमजोर रहने से बाजार स्थिरता नहीं पकड़ सका. कारोबारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में मौसम और बाहरी मांग ही बाजार की दिशा तय करेगी.

अनाज और दालों के भाव स्थिर

मंडी में गेहूं 2470 से 2650 रुपये प्रति क्विंटल, मक्का 1920 से 2060 रुपये, मसूर दाल 5550 से 6750 रुपये, अरहर दाल 10600 से 14500 रुपये और चना 5550 से 6600 रुपये के बीच रहा. वहीं सरसों तेल और अन्य तेलहन में भी सीमित कारोबार दर्ज किया गया.

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लेखक के बारे में

Published by: Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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