पूर्णिया शहर के हृदयस्थली कहे जाने वाले मधुबनी चौक स्थित ऐतिहासिक श्री महावीर मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के उपरांत 'छठी' का पावन पर्व अपार श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के वातावरण में संपन्न हुआ.
सनातन परंपरा और लोक मान्यताओं के अनुसार प्रभु के प्राकट्य के छठे दिन मनाए जाने वाले इस मांगलिक अनुष्ठान को लेकर स्थानीय श्रद्धालुओं और महिलाओं में भारी उत्साह देखा गया. पूरा मंदिर परिसर दिनभर भक्ति रस से सराबोर रहा.
वैदिक मंत्रोच्चार के साथ षोडशोपचार पूजन, लगा 56 भोग
इस पावन अवसर पर मंदिर प्रांगण को सुगंधित देशी-विदेशी फूलों, गुब्बारों और मनमोहक विद्युत झालरों से दुल्हन की तरह सजाया गया था.
विद्वान आचार्यों और पुरोहितों ने वैदिक ऋचाओं के सस्वर पाठ के बीच लड्डू गोपाल के बाल स्वरूप का पंचामृत से अभिषेक कर षोडशोपचार विधि से विधिवत पूजन संपन्न कराया. इसके उपरांत बाल गोपाल को माखन-मिश्री, मौसमी फलों, पारंपरिक मिष्ठानों और विशेष व्यंजनों का महाभोग अर्पित किया गया.
पारंपरिक सोहर और 'नंद के आनंद भयो' के जयकारों से गूंजा प्रांगण
पूजन के दौरान श्रद्धालु महिलाओं की टोली ने पारंपरिक 'सोहर', बधाई गीत और कान्हा के बाल लीलाओं पर आधारित भजनों की प्रस्तुति दी.
ढोलक और मंजीरे की थाप पर 'नंद के आनंद भयो जय कन्हैया लाल की' और 'हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की' के गगनभेदी जयकारों से पूरा मधुबनी इलाका गुंजायमान हो उठा. आरती के समय का अलौकिक दृश्य देख भक्त भावविभोर हो गए.
विशाल भंडारे का आयोजन, देर शाम तक उमड़ा जनसैलाब
मुख्य पूजा-अर्चना और महाआरती के पश्चात मंदिर प्रबंधन समिति की ओर से एक भव्य एवं विशाल भंडारे का आयोजन किया गया. इसमें शहर के विभिन्न मोहल्लों से पहुंचे सैकड़ों महिला, पुरुष और बच्चों ने कतारबद्ध होकर श्रद्धापूर्वक महाप्रसाद ग्रहण किया.
समिति के सदस्यों ने कहा कि ऐसे धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों से समाज में पारस्परिक सद्भाव, प्रेम, शांति और बंधुत्व की भावना प्रगाढ़ होती है. देर शाम तक मंदिर में दर्शन-पूजन के लिए भक्तों का तांता लगा रहा.
आयोजन में इनकी रही प्रमुख सहभागिता
इस धार्मिक अनुष्ठान और भंडारे को सुव्यवस्थित ढंग से सफल बनाने में स्थानीय युवाओं और मंदिर समिति के सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. इस अवसर पर मुख्य रूप से मनीष सिन्हा, विजय केशरी, राजेश कुमार गुप्ता, सुनील केशरी समेत बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक और भक्तगण उपस्थित रहे.