– सरकारी संस्थानों, जिला प्रशासन से इंटर्नशिप करने के लिए एमओयू करेगा विवि प्रशासन पूर्णिया. स्नातक पंचम सेमेस्टर में इंटर्नशिप के शुल्क और स्वरूप की एकरूपता को पूर्णिया विवि प्राथमिकता देगा. इसे लेकर कुलपति प्रो. विवेकानंद सिंह के मार्गदर्शन में पूर्णिया विवि ने जहां कुछ एजेंसियों से एमओयू किया है वहीं विवि प्रशासन का प्रयास है कि यथासंभव सरकारी संस्थानों, जिला प्रशासन अथवा ऐसे संगठनों से इंटर्नशिप करने के लिए एमओयू किया जाये, जहां शुल्क न्यूनतम या शून्य हो. विवि मीडिया पदाधिकारी प्रो. संतोष कुमार सिंह ने बताया कि पूर्णिया विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से यूजी सीबसीए. पाठ्यक्रम के अंतर्गत इंटर्नशिप कार्यक्रम को प्रभावी, पारदर्शी एवं रोजगारोन्मुख बनाने की दिशा में व्यापक पहल की जा रही है. विश्वविद्यालय का उद्देश्य है कि इंटर्नशिप केवल औपचारिक प्रक्रिया न होकर विद्यार्थियों के वास्तविक कौशल विकास का माध्यम बने. चार सप्ताह में 120 घंटे का कोर्स, कला के छात्रों को अधिक फायदा इंटर्नशिप यूजी के पांचवे सेमेस्टर में अनिवार्य रूप से किया जाने वाला 120 घंटे का कोर्स है. इसे लगभग 4 सप्ताह में पूरा किया जाना है. इसके लिए न तो सीआइए (आंतरिक परीक्षा) होनी है और न ही इएसइ (एंड सेमेस्टर परीक्षा) होगी. इंटर्नशिप के माध्यम से विद्यार्थियों में व्यावहारिक ज्ञान, संचार कौशल, डिजिटल दक्षता तथा रोजगारपरक क्षमताओं का विकास होगा. वर्तमान समय में विद्यार्थी सामान्य कार्यों जैसे बायोडाटा (सीवी) बनाना, आवेदन पत्र तैयार करना अथवा अन्य दस्तावेजों के निर्माण हेतु बाहरी सहायता लेते हैं, परंतु इस पहल के बाद विद्यार्थी स्वयं ही आधुनिक एआइ तकनीकों एवं डिजिटल टूल्स का उपयोग कर इन कार्यों को सरलता से कर सकेंगे. इससे विशेष रूप से कला संकाय के विद्यार्थियों को भी तकनीकी दक्षता प्राप्त होगी और उनका करियर अधिक सुरक्षित एवं प्रतिस्पर्धी बनेगा. उपकुलसचिव (शैक्षणिक) समेत चार सदस्यीय समिति कार्यरत कुलपति प्रो. विवेकानंद सिंह के निर्देश पर उपकुलसचिव (शैक्षणिक) डॉ. नवनीत कुमार वास्तविक इंटर्नशिप सुनिश्चित करने के महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट पर कार्यरत हैं. इस प्रक्रिया को पारदर्शी एवं निष्पक्ष बनाने हेतु चार सदस्यीय युवा समिति का गठन किया गया है, जिसमें डॉ. नवनीत कुमार के अलावा जूलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र कुमार, साइकोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. आभा मिश्रा तथा प्लेसमेंट एवं ट्रेनिंग सेल अधिकारी डॉ. भरत कुमार मेहर शामिल हैं. समिति ने पिछले एक माह से सतत रूप से कार्य करते हुए विभिन्न एजेंसियों के प्रस्तावों की समीक्षा, दस्तावेज सत्यापन एवं प्रस्तुतीकरण की प्रक्रिया पूरी की है. एमओयू के साथ ही वेबसाइट पर उपलब्ध होंगे संस्थानों के नाम 20 से अधिक प्रस्तावों में से चयनित 6 एजेंसियों को प्रस्तुतीकरण हेतु आमंत्रित किया गया, जिनमें से प्रथम चरण में 5 एजेंसियों के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) संपादित किया जा रहा है. अगले चरण में भी कई ओर एजेंसियों के साथ एमओयू किया जाएगा. विद्यार्थियों की सुविधा हेतु विश्वविद्यालय की ओर से एमओयू किये गये सभी संस्थाओं के नाम विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध होंगे. सरकारी विभागों के अंतर्गत इंटर्नशिप की सुविधा का लाभ लेने के उद्देश्य से जिला प्रशासन के साथ भी एमओयू करने की दिशा में कदम बढाया जा रहा है. विवि से अनुमोदन लेकर कॉलेज भी करेंगे एमओयू विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि अधीनस्थ महाविद्यालयों की ओर से किसी भी इंटर्नशिप एजेंसी से एमओयू करने से पूर्व विश्वविद्यालय से अनुमोदन प्राप्त करना अनिवार्य होगा, जिससे गुणवत्ता एवं विश्वसनीयता सुनिश्चित की जा सके. सभी विषयों के विद्यार्थियों को एक जैसी इंटर्नशिप के स्थान पर अलग अलग डोमेन के अवसर मिले इसके लिए महाविद्यालयों को कई संस्थाओं से एमओयू करने के निर्देश दिए गये हैं. छात्र संगठनों के सुझावों पर अमल इंटर्नशिप को लेकर विभिन्न छात्र संगठनों की ओर से भी सकारात्मक सुझाव दिए गए हैं. इन सुझावों के आधार पर विश्वविद्यालय स्तर से मान्यता प्राप्त प्राइवेट संस्थाओं से इंटर्नशिप हेतु पंजीकरण, प्रक्रिया, संचालन तथा प्रमाणपत्र के लिए एकरूप शुल्क निर्धारित किया गया है, जिससे सभी विद्यार्थियों के लिए समानता सुनिश्चित हो सके.अनेक सरकारी संस्थानों एवं पोर्टलों पर इंटर्नशिप की सुविधा निःशुल्क उपलब्ध है. रिसर्च आधारित इंटर्नशिप में भी किसी प्रकार का शुल्क देय नहीं होगा. सरकारी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी इंटर्नशिप के अवसर विभिन्न सरकारी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म भी इंटर्नशिप के अवसर प्रदान कर रहे हैं, जहां विद्यार्थियों को स्टाइपेंड प्राप्त करने का अवसर भी मिलता है. वर्तमान में बिहार सरकार की मुख्यमंत्री प्रतिज्ञा योजना के अंतर्गत पोर्टल भी संचालित है, जहां विद्यार्थी इंटर्नशिप के लिए आवेदन कर सकते हैं. केंद्र सरकार की ओर से भी कई ऑनलाइन प्लेटफार्म से इंटर्नशिप की जा सकती है. इन सभी ऑनलाइन पोर्टल के बारे में विश्वविद्यालय की ओर से जारी गाइडलाइन्स में विस्तृत चर्चा की गयी है. विद्यार्थियों को इंटर्नशिप एजेंसी के चयन में पूर्ण स्वतंत्रता विद्यार्थियों को इंटर्नशिप एजेंसी के चयन में पूर्ण स्वतंत्रता प्रदान की गई है. वे चार विकल्पों में से किसी एक का चयन कर सकते हैं. इनमें विवि अनुमोदित महाविद्यालय से चयनित एजेंसी, . विश्वविद्यालय से एमओयू की गई संस्थाएं शामिल हैं. विद्यार्थी स्वयं किसी सरकारी ऑनलाइन पोर्टल अथवा अन्य प्रतिष्ठित एवं वैध संस्था से इंटर्नशिप कर सकते हैं, परंतु इसके लिए महाविद्यालय से एनओसी प्राप्त करना अनिवार्य होगा. विद्यार्थी अपने विषय के शिक्षकों के मार्गदर्शन में रिसर्च आधारित इंटर्नशिप भी कर सकते हैं, जो विशेष रूप से चार वर्षीय स्नातक ) कार्यक्रम के विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी. प्रत्येक महाविद्यालय में इंटर्नशिप समन्वय समिति संचालित इंटर्नशिप के सफल संचालन हेतु प्रत्येक महाविद्यालय में प्रधानाचार्य की अध्यक्षता में इंटर्नशिप समन्वय समिति का गठन किया गया है. विषयवार शिक्षक इस समिति के सदस्य होंगे, जिन्हें मेंटर्स के रूप में विद्यार्थियों का मार्गदर्शन, डेटा संधारण एवं सतत मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी दी गई है. इंटर्नशिप पूर्ण होने के पश्चात विद्यार्थी अपने मेंटर को उपस्थिति प्रमाणपत्र, पूर्णता प्रमाणपत्र, प्रोजेक्ट रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे तथा प्रेजेंटेशन देंगे. बिना फील्ड वर्क के ऑनलाइन कोर्स की इंटर्नशिप अमान्य विश्वविद्यालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि ऑनलाइन कोर्स को इंटर्नशिप नहीं माना जाएगा, जब तक उसमें प्रायोगिक या फील्ड वर्क शामिल न हो. विवि मीडिया पदाधिकारी प्रो. संतोष कुमार सिंह ने बताया कि पूर्णिया विश्वविद्यालय का यह प्रयास विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर, तकनीकी रूप से दक्ष एवं भविष्य के लिए तैयार बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.
स्नातक पंचम सेमेस्टर में इंटर्नशिप के शुल्क व स्वरूप की एकरूपता पर पूर्णिया विवि का फोकस
इंटर्नशिप करने के लिए एमओयू करेगा विवि प्रशासन
