पूर्णिया से सत्येन्द्र सिन्हा गोपी की रिपोर्ट
Purnea Mandi Update: पूर्वी भारत की प्रमुख कृषि मंडियों में शामिल गुलाबबाग मंडी में रविवार को छुट्टी का असर साफ दिखाई दिया. मंडी परिसर में सामान्य दिनों की तुलना में चहल-पहल काफी कम रही. किसानों और व्यापारियों की सीमित मौजूदगी के कारण अधिकांश कृषि उत्पादों की खरीद-बिक्री सुस्त रही. हालांकि मक्का की आवक बनी रही, लेकिन मांग कमजोर रहने से इसके भाव स्थिर बने रहे.
मक्का बाजार में नहीं दिखी तेजी
मंडी कारोबारियों के अनुसार रविवार को मक्का की अच्छी आवक हुई, लेकिन खरीदारों की सक्रियता कम रहने के कारण बाजार में कोई बड़ा उतार-चढ़ाव नहीं देखा गया. मक्का का अधिकतम भाव 2080 रुपये प्रति क्विंटल और न्यूनतम भाव 1870 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज किया गया. व्यापारियों का कहना है कि फिलहाल बाजार संतुलित स्थिति में है और बड़े खरीदारों की एंट्री के बाद ही भाव में बदलाव संभव है.
ब्रांडेड चावल पर कारोबारियों की नजर
मंडी में ब्रांडेड चावल की बिकवाली भी अपेक्षाकृत कमजोर रही, लेकिन कारोबारियों का मानना है कि आने वाले दिनों में इसके दामों में तेजी देखने को मिल सकती है. मंसूरी चावल 3400 रुपये तक और बासमती चावल 13 हजार रुपये प्रति क्विंटल तक बिक रहा है. मांग बढ़ने पर इन कीमतों में और इजाफा होने की संभावना जताई जा रही है.
दाल और तिलहन बाजार में स्थिरता
दालों के बाजार में भी रविवार को कोई विशेष हलचल नहीं रही. अरहर दाल का अधिकतम भाव 14500 रुपये प्रति क्विंटल रहा, जबकि मूंग दाल 9600 रुपये तक बिकी. सरसों के बाजार में भी स्थिरता बनी रही. काली सरसों 7100 रुपये और पीली सरसों 7500 रुपये प्रति क्विंटल तक दर्ज की गई.
सब्जियों में भी मांग कमजोर
आलू, प्याज और लहसुन की बिकवाली भी सामान्य से कम रही. लहसुन के भाव में गुणवत्ता के अनुसार बड़ा अंतर देखा गया और यह 5300 से 9000 रुपये प्रति क्विंटल के बीच बिकता रहा.
गुलाबबाग मंडी के कारोबारियों का मानना है कि सोमवार से बाजार की गतिविधियां फिर तेज होंगी. खरीदारों की संख्या बढ़ने पर मक्का और चावल समेत अन्य कृषि जिंसों के भाव में हलचल देखने को मिल सकती है.
