Purnea News: पूर्णिया के बैसा प्रखंड की मालोपाड़ा पंचायत में हर घर नल का जल योजना के लाभ से करीब 1000 परिवारों के वंचित रहने का मामला सामने आया है. पंचायत के जगदल और गढ़महली गांव के कई वार्डों में बड़ी संख्या में परिवारों तक पाइपलाइन और पेयजल सुविधा नहीं पहुंचने का आरोप लगाया गया है. इस मामले को लेकर जदयू प्रखंड अध्यक्ष एवं पूर्व जिला सचिव अरविंद कुमार सिंह ने प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) हेम शंकर राही को आवेदन देकर जांच और आवश्यक कार्रवाई की मांग की है.
ग्रामीणों का कहना है कि योजना का उद्देश्य हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाना है, लेकिन कई परिवार अब भी इस सुविधा से वंचित हैं. गर्मी और वर्षा दोनों मौसम में सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता ग्रामीणों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है.
जगदल के दो वार्डों में 700 परिवार वंचित होने का दावा
आवेदन के अनुसार मालोपाड़ा पंचायत के जगदल गांव के वार्ड संख्या 12 और 14 में लगभग 700 परिवारों को नल-जल योजना का लाभ नहीं मिल रहा है. आरोप है कि इन दोनों वार्डों में योजना का कार्य केवल एक स्थान पर कराया गया, जबकि बड़ी आबादी अब भी पाइपलाइन और जलापूर्ति सुविधा से बाहर है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें पेयजल के लिए वैकल्पिक स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है, जिससे रोजमर्रा की परेशानियां बढ़ रही हैं.
गढ़महली गांव में भी 300 परिवार प्रभावित
जदयू नेता ने आवेदन में यह भी उल्लेख किया कि गढ़महली गांव के वार्ड संख्या 1 में करीब 300 परिवार नल-जल योजना की सुविधा से वंचित हैं. उनका कहना है कि योजना का विस्तार सभी परिवारों तक नहीं होने के कारण कई घरों को आज भी सुरक्षित पेयजल उपलब्ध नहीं हो पा रहा है.
उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर योजना के कार्यों की समीक्षा कर अधूरे हिस्सों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाना चाहिए.
हर घर नल का जल योजना पर उठे सवाल
अरविंद कुमार सिंह ने कहा कि सरकार की महत्वाकांक्षी हर घर नल का जल योजना का उद्देश्य प्रत्येक परिवार तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाना है. यदि इतने बड़े स्तर पर परिवार वंचित हैं, तो यह योजना के क्रियान्वयन पर गंभीर सवाल खड़े करता है.
उन्होंने मांग की कि संबंधित वार्डों का स्थल निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति की जांच कराई जाए और जिन क्षेत्रों में काम अधूरा है, वहां शीघ्र जलापूर्ति व्यवस्था बहाल की जाए.
Purnea News: BDO ने जांच का दिया आश्वासन
इस संबंध में प्रखंड विकास पदाधिकारी हेम शंकर राही ने कहा कि मामले की जानकारी ली जाएगी. उन्होंने बताया कि संबंधित विभाग से जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी और रिपोर्ट के आधार पर आगे की प्रक्रिया अपनाई जाएगी.
ग्रामीणों को अब प्रशासनिक जांच और संभावित कार्रवाई का इंतजार है. यदि शिकायत सही पाई जाती है, तो प्रभावित वार्डों में नल-जल योजना के अधूरे कार्यों को पूरा कराने की दिशा में कदम उठाए जा सकते हैं.
