विश्व स्वास्थ्य दिवस पर जीएमसीएच में जन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
साक्ष्य-आधारित चिकित्सा अपनाने पर दिया बल
By SATYENDRA SINHA | Updated at :
साक्ष्य-आधारित चिकित्सा अपनाने पर दिया बल
पूर्णिया. विश्व स्वास्थ्य दिवस के मौके पर राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय के सामुदायिक चिकित्सा विभाग में एक जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस वर्ष टूगेदर फॉर हेल्थ स्टैंड विथ साइंस थीम को लेकर आयोजित कार्यक्रम के जरिये समाज में वैज्ञानिक सोच पैदा करने एवं स्वास्थ्य संबंधी मिथकों को दूर करने का प्रयास किया गया. कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए सामुदायिक चिकित्सा विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अभय कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि आज के डिजिटल युग में गलत और अप्रमाणित स्वास्थ्य संबंधी जानकारी तेजी से फैल रही है, जो जनस्वास्थ्य के लिए एक गंभीर चुनौती है. उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि कई मधुमेह के मरीज अफवाहों के कारण अपनी नियमित दवाएं बंद कर देते हैं, जिससे गंभीर जटिलताएं उत्पन्न हो सकती हैं. इसके अलावा उन्होंने टीकाकरण से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने और साक्ष्य-आधारित चिकित्सा अपनाने पर जोर दिया. डॉ. कुमार ने वन हेल्थ की अवधारणा पर भी प्रकाश डाला और बताया कि मानव, पशु एवं पर्यावरण का स्वास्थ्य एक-दूसरे से गहराई से जुड़ा हुआ है. उन्होंने आम जनता से भी अपील की है कि वे किसी भी स्वास्थ्य संबंधी जानकारी को अपनाने से पहले चिकित्सकों से परामर्श अवश्य लें, नियमित स्वास्थ्य जांच कराएं तथा टीकाकरण को प्राथमिकता दें. इस अवसर पर एमबीबीएस छात्र-छात्राओं द्वारा रोल प्ले, पोस्टर प्रस्तुति एवं नुक्कड़ नाटक जैसी अनेक सामूहिक गतिविधियां आयोजित की गईं. इन गतिविधियों में अमीर, करण, रिया, नेहा, नाजमी सहित अन्य छात्र छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और मिथक बनाम विज्ञान तथा वन हेल्थ जैसे विषयों को रचनात्मक एवं प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया जिसकी सभी ने भरपूर सराहना की. अंत में विभागाध्यक्ष ने सभी प्रतिभागियों को बधाई देते हुए वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने एवं समाज में सही स्वास्थ्य संदेश प्रसारित करने का आह्वान किया.