पूर्णिया से बिहार विधानसभा चुनाव अभियान का आगाज करेंगे पीएम मोदी

विस चुनाव की घोषणा होने से पूर्व पीएम मोदी की होगी आखिरी जनसभा

विस चुनाव की घोषणा होने से पूर्व पीएम मोदी की होगी आखिरी जनसभा राहुल-तेजस्वी की धार को कुंद करने की कोशिश करेंगे पीएम नरेंद्र मोदी पूर्णिया. 15 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूर्णिया में एक जनसभा को संबोधित करेंगे. यह जनसभा बिहार विधानसभा चुनाव की अधिसूचना जारी होने से पूर्व आखिरी सभा होगी. एेसे में सियासी गलियारों में इस बात को लेकर हलचल तेज हो गयी है कि आखिर मोदी इस सभा में बिहारवासियों के लिए क्या संदेश देंगे? पिछले माह वोटर अधिकार यात्रा के दौरान इंडिया गठबंधन के दो बड़े फेस राहुल-तेजस्वी ने मोदी के खिलाफ न केवल हुंकार भरी थी बल्कि एसआइआर के बहाने अल्पसंख्यक समाज को गोलबंद करने की कोशिश भी की. माना जा रहा है कि मोदी इसी जनसभा से न केवल बिहार विधानसभा चुनाव अभियान का आगाज करेंगे बल्कि राहुल- तेजस्वी की धार को कुंद करने की भी कोशिश करेंगे. दरभंगा की मंच से जिन अपशब्द शब्दों का इस्तेमाल किया गया, उसका भी पीएम जवाब देंगे. यही वजह है कि इस रैली पर सबकी निगाहें टिक गयी है. पूर्णिया एयरपोर्ट का उद्घाटन बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले हो रहा है, इसलिए इसे सियासत से भी जोड़कर देखा जा रहा है. इस एयरपोर्ट की घोषणा पीएम नरेंद्र मोदी ने लगभग 10 वर्ष पहले 02 नवंबर 2015 को पूर्णिया के रंगभूमि मैदान में बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए किया था.विशेषज्ञों का मानना है कि यह एयरपोर्ट जनहित से जुड़ा एक बड़ा मुद्दा है, जिसका लाभ आगामी चुनाव में एनडीए को मिल सकता है.दरअसल, सीमांचल बिहार की राजनीति की वह धुरी है जिसके इर्द-गिर्द सत्ता घुमती नजर आती है. सीमांचल के चार जिलों कटिहार, पूर्णिया, अररिया और किशनगंज में विधानसभा की कुल 24 सीटें हैं. इन 24 सीटों में से भाजपा को आठ सीटों पर सफलता मिली थी. जबकि कांग्रेस को पांच, जेडीयू को चार, भाकपा माले और राजद को एक-एक सीट मिली थी. 2020 के विधानसभा चुनाव में असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआइएमआइएम ने अभूतपूर्व सफलता हासिल करते हुए पांच विधानसभा सीटों पर अपनी जीत दर्ज की थी. हालांकि बाद में ओवैसी की पार्टी के पांच में से चार विधायकों ने अपना पाला बदल कर आरजेडी में शामिल हो गये थे. पिछले साल 2024 के लोकसभा चुनाव में एनडीए गठबंधन को चार में से एक सीट अररिया की सीट भाजपा के खाते में गयी थी. जबकि दो सीट किशनगंज और कटिहार कांग्रेस को और पूर्णिया की सीट निर्दलीय की झोली में गयी.

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By ARUN KUMAR

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