तीन विधानसभा के छह बूथों पर नये मतदाताओं का किया गया भौतिक सत्यापन
इन बूथों पर औसत से अधिक पाये गये थे नये मतदाताओं के नाम
इन बूथों पर औसत से अधिक पाये गये थे नये मतदाताओं के नाम
पूर्णिया. निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार पटना से आये उप निर्वाचन पदाधिकारी धीरज कुमार के नेतृत्व में जिले में एक जनवरी से लेकर तीस अप्रैल तक फॉर्म – 6 के तहत मतदाता सूची में नए मतदाताओं के शामिल किये गये नामों को लेकर विशेष जांच अभियान चलाया गया. इसी कड़ी में जिले के तीन विधानसभा क्षेत्रों के कुल छः बूथों में औसत से ज्यादा बढे नामों को लेकर उन बूथों का स्थलीय निरीक्षण करते हुए मतदाताओं के भौतिक सत्यापन का कार्य किया गया. इसके तहत बनमनखी विधान सभा के क्रमशः बनमनखी एवं बी. कोठी प्रखंड अंतर्गत दो बूथों में जांच की गयी. इसके अलावा अमौर विधानसभा के अमौर एवं बैसा प्रखंड के तहत दो बूथ तथा बायसी विधानसभा अंतर्गत डगरुआ प्रखंड के दो बूथ पर निरीक्षण का कार्य किया गया. मुख्य रूप से जिले के इन सभी छह बूथों पर नए मतदाताओं के नाम औसत रूप से अधिक पाए गये थे. अवर निर्वाचन पदाधिकारी निखिल कुमार ने बताया कि इन सभी बूथों पर अनुमानित औसत संख्या से कुछ ज्यादा नये लोगों के नाम मतदाता सूची में जुड़वाने हेतु आवेदन किये गये थे. साथ ही उनके द्वारा उम्र 30 वर्ष और इससे अधिक दर्शाए जाने को लेकर इस बात की आशंका जाहिर की गयी कि आखिर इतने वर्षों से उनका नाम मतदाता सूची में शामिल क्यों नहीं हो पाया था. साथ ही इस दरम्यान उक्त मतदाता कहां थे जिससे उनका नाम अबतक मतदाता सूची में शामिल नहीं हो पाया था. श्री कुमार ने बताया कि जांच में मुख्य रूप से इसकी वजह एसआईआर के दौरान नामों का कट जाना, महिलाओं में खासकर विवाहोपरांत ससुराल में मतदाता के रूप में नाम का शामिल नहीं होना आदि प्रमुख रहा. उन्होंने बताया कि उन सभी 6 बूथों के बीएलओ की मदद से नामित मतदाताओं का फिजिकल वेरिफिकेशन किया गया और साथ साथ उन सभी से उनके आधार कार्ड के अलावा अन्य दस्तावेज भी जमा करने को कहा गया है. इनमें उनके नाम वाले पुराने वोटर लिस्ट की भी मांग की गयी है. इस विशेष जांच अभियान में उप निर्वाचन पदाधिकारी पूर्णिया संजुला कुमारी सहित अन्य पदाधिकारी, सम्बंधित बीएलओ तथा अन्य कर्मी शामिल रहे.