आबादी के अनुसार एम्बुलेंस की संख्या को और बढाने की है जरूरत
पूर्णिया. किसी भी मरीज को समय पर आपात चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने में 102 एम्बुलेंस सेवा का बेहद महत्वपूर्ण योगदान रहा है. जिले में आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को अधिक प्रभावी और सुलभ बनाने में 102 एम्बुलेंस सेवा महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है. इस सेवा के माध्यम से मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाकर त्वरित चिकित्सा सहायता उपलब्ध करायी जा रही है, जिससे जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को नई मजबूती मिली है. मिली जानकारी के अनुसार वर्तमान समय में सरकारी स्तर पर जिले में कुल 44 एम्बुलेंस संचालित की जा रही हैं. इनमें 14 एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट, 27 बेसिक लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस तथा 3 शव वाहन शामिल हैं. आधुनिक चिकित्सा उपकरणों और प्रशिक्षित ईएमटी की सहायता से ये एम्बुलेंस हर दिन सैकड़ों जरूरतमंद मरीजों तक पहुंचकर उन्हें सुरक्षित अस्पताल पहुंचा रही हैं. इससे जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति लोगों का भरोसा मजबूत हुआ है. हालांकि जिले की आबादी के अनुपात में फिलहाल और भी एम्बुलेंस की आवश्यकता महसूस की जा रही है तो वहीं संचालित कुछ पुराने हो चुके एम्बुलेंस को विशेष मेंटेनेंस की भी जरुरत है.बीते माह जिले में कुल 3,736 मरीजों को मिला इस सेवा का लाभबिगत अप्रैल माह में विभिन्न आपात मामलों में कुल 3,736 मरीजों को 102 एम्बुलेंस सेवा का लाभ मिल चुका है. इनमें 2,422 गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया गया, जबकि 132 नवजात शिशुओं को विशेष चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करायी गयी. इसके अलावा 180 सड़क दुर्घटना पीड़ितों और 1002 अन्य गंभीर मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाकर उन्हें समय पर इलाज उपलब्ध कराया गया. सेवा प्रदाता एजेंसी के बिहार प्रोजेक्ट हेड दीपक श्रीवास्तव ने बताया कि, जिले में एम्बुलेंस सेवा की नियमित मॉनिटरिंग और बेहतर संचालन व्यवस्था के वजह से मरीजों तक सहायता पहुंचने का समय कम हुआ है. खासतौर पर ग्रामीण और सीमावर्ती क्षेत्रों में इस सेवा का सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल रहा है, जहां पहले आपातकालीन चिकित्सा सुविधा तक पहुंचना काफी कठिन माना जाता था.बोले सिविल सर्जनजिले में प्रखंड एवं अनुमंडलीय अस्पतालों के साथ साथ जिला मुख्यालय के मरीजों को लगातार 102 एम्बुलेंस की सुविधा उपलब्ध हो रही है. इससे समय पर चिकित्सा सहायता मिलने से गंभीर मरीजों को राहत पहुंचाने और सुरक्षित उपचार सुनिश्चित करने में मदद मिल रही है. एम्बुलेंस के मेंटेनेंस और नए एम्बुलेंस के लिए विभागीय पत्राचार भी किये गये हैं. हालांकि जिले की आबादी को देखते हुए एम्बुलेंस की संख्या को और भी बढाए जाने की आवश्यकता महसूस की जा रही है.डॉ. प्रमोद कुमार कनौजिया, सिविल सर्जन
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