अब जीएमसीएच में ही मिल सकेगी निःशुल्क बायोप्सी टेस्ट की रिपोर्ट

चिकित्सा के क्षेत्र में राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल निरंतर आगे बढ़ रहा है. हालिया दिनों में इसकी गति और भी तेज हुई है.

चिकित्सा के क्षेत्र में जीएमसीएच ने बढ़ाया एक और कदम

रिपोर्ट के लिए नहीं करना होगा इंतजार, बढ़ीं कई सुविधाएं

पूर्णिया. चिकित्सा के क्षेत्र में राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल निरंतर आगे बढ़ रहा है. हालिया दिनों में इसकी गति और भी तेज हुई है. यह बात भी सही है कि प्राध्यापक चिकित्सकों एवं फेकल्टी की कमी के बावजूद यहां लगातार मरीजों के लिए सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं. इसी कड़ी में कैंसर संभावित मरीजों के बायोप्सी टेस्ट एवं उसकी रिपोर्ट की व्यवस्था भी मेडिकल कॉलेज में ही की जा रही है. मिली जानकारी के अनुसार लंबे समय की प्रतीक्षा के बाद जल्द ही बायोप्सी की रिपोर्ट स्थानीय स्तर पर मरीजों को निःशुल्क उपलब्ध कराई जा सकेगी. इसके लिए कुछ तक्निशियंस को भी प्रशिक्षित किया गया है जबकि पूर्व से ही कैंसर की जांच व बायोप्सी सैम्पल कलेक्ट करने के लिए जीएमसीएच स्थित कैंसर विभाग द्वारा कार्य किये जा रहे हैं जिसमें खास तौर पर गायनी विभाग की एचओडी डॉ. ऋचा झा, सर्जरी विभाग के एचओडी डॉ. तारकेश्वर कुमार एवं कैंसर विभाग के डॉ. गौरव कुमार सिंह तथा डॉ. ऐश्वर्या राय की भूमिका बेहद अहम रही है.

हर माह 30-35 मरीजों में बायोप्सी की होती है जरुरत

पूर्णिया व सीमांचल में लगातार कैंसर मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है जो चिंता का विषय है. इसमें सबसे अधिक मामले ओरल यानि मुंह के कैंसर सामने आ रहे हैं इसके अलावा महिलाओं में ब्रेस्ट और सर्वाइकल कैंसर प्रमुखता लिए है. जीएमसीएच स्थित कैंसर विभाग के आंकड़े बताते हैं कि पूर्णिया मेडिकल कॉलेज में प्रत्येक महीने करीब दो हजार मरीजों में कैंसर की संभावना को लेकर उनकी स्क्रीनिंग की जाती है. इनमें से अमूमन 30 से 35 लोगों को लक्षण के आधार पर बायोप्सी टेस्ट की सलाह दी जाती है और लगभग 10 से 20 लोगों में कैंसर कन्फर्म पाया जाता है. वहीं अबतक 152 लोगों की बायोप्सी सैम्पल जीएमसीएच में कलेक्ट कर बाहर जांच के लिए भेजे गये हैं और 88 लोगों को बायोप्सी जांच के लिए बाहर भेजा जा चुका है.

बाहर जांच के लिए देने पड़ते हैं 5 हजार तक के शुल्क

कैंसर संभावित मरीजों की जांच की पुष्टि के लिए निजी संस्थानों में बड़ी रकम अदा करनी पड़ती है. यह रकम सैम्पल के आकार एवं रोग के प्रकार पर निर्भर करता है. उस अनुसार निजी संस्थानों द्वारा अमूमन बायोप्सी जांच की रिपोर्ट के लिए साढ़े 5 सौ से लेकर 5 हजार तक का शुल्क मरीजों से लिया जाता है. वहीं अबतक जीएमसीएच कैंसर विभाग द्वारा संभावित कैंसर का पता लगाने के लिए या तो बायोप्सी सैम्पल कलेक्ट कर जांच रिपोर्ट के लिए उसे बाहर भेजा जाता है अथवा गंभीर मामलों में मरीज को ही बाहर जाना पड़ता है जिसमें मरीजों को रुपये खर्च करने पड़ते हैं. लेकिन पूर्णिया मेडिकल कॉलेज में इस सुविधा के शुरू हो जाने से मरीजों को कोई शुल्क नहीं देना होगा जिससे उन्हें बड़ी राहत मिलेगी. यह कैंसर जांच लैब जीएमसीएच के पैथलोजी डिपार्टमेंट में स्थापित किया गया है.

आंकड़ों का आइना

अक्टूबर 2022 से मार्च 2025 तक

कुल स्क्रीनिंग – 69,263

पुरुष – 29,731

महिला – 39,532कन्फर्म मामले – 171ओरल के मामले – 90

ब्रेस्ट के मामले – 34

सर्विक्स के मामले – 14अन्य मामले – 33बायोप्सी जांच रिपोर्ट के मामले में बहुत जल्द जीएमसीएच में व्यवस्था शुरू होगी. इसके लिए बाहर से दो तकनीकी विशेषज्ञ भी आ चुके हैं साथ ही इस मेडिकल कॉलेज से दो अन्य लोगों को भी दरभंगा मेडिकल कॉलेज में प्रशिक्षण दिया गया है. सारा सेटअप तैयार है कुछ आवश्यक चीजों के पूर्ण होते है कार्य शुरू कर दिया जाएगा. संभावना है कि दो मई से लोगों को इस मेडिकल कॉलेज में ही बायोप्सी की जांच और रिपोर्ट की सुविधा मिलने लगे.

प्रो. डॉ हरिशंकर मिश्र, प्राचार्य, जीएमसीएचB

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Author: ARUN KUMAR

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