कुरसेला अग्नि पीड़ितों की आंसू पोंछने पहुंचे सांसद, करीब 20 लाख की सहायता बांटी
कहा – पीड़ितों को मिले प्रधानमंत्री आवास योजना के पक्का मकान, पांच महीने तक ना लिए जाए ईएमआई
पूर्णिया. पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने कटिहार जिले के कुर्सेला में हुए भीषण अग्निकांड से प्रभावित सैकड़ों पीड़ितों के बीच पहुंचकर मानवीय संवेदनशीलता का उदाहरण पेश किया. हाल ही में लगी भीषण आग में सैकड़ों दुकानें जलकर खाक हो गई थीं, जिससे व्यापारियों और मजदूर परिवारों को भारी आर्थिक क्षति उठानी पड़ी. इस त्रासदी के बाद सांसद ने खुद मौके पर पहुंचकर पीड़ितों की समस्याएं सुनीं और तत्काल राहत देने का फैसला लिया. सांसद ने बुधवार को कुर्सेला में और गुरुवार को अपने पूर्णिया आवास पर करीब 300 से अधिक पीड़ितों के बीच लगभग 20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता वितरित की. पीड़ितों को तत्काल जरूरत के अनुसार पांच हजार से 10 हजार रुपये तक नकद मदद दी गई, जबकि कई लोगों के बैंक खातों में अतिरिक्त 10 हजार रुपये भेजने का आश्वासन भी दिया गया. आग से प्रभावित लोगों में चूड़ी, कपड़ा, मसाला, जड़ी-बूटी, मनिहारी और अन्य छोटे व्यापारियों की दुकानें शामिल थीं, जिनकी पूरी पूंजी जलकर नष्ट हो गई. इस अग्निकांड में सबसे बड़ी समस्या दमकल व्यवस्था की कमी रही, जिसके कारण आग पर समय रहते काबू नहीं पाया जा सका और नुकसान बढ़ता चला गया. कई व्यापारियों ने बताया कि उनकी वर्षों की मेहनत पलभर में खत्म हो गई. सांसद पप्पू यादव ने कपड़ा दुकानदारों की स्थिति को देखते हुए बैंकों से आग्रह किया कि उनके लोन की ईएमआई कम से कम 5 से 6 महीनों तक स्थगित की जाए, ताकि वे दोबारा अपने पैरों पर खड़े हो सकें.दिल्ली से लौटकर सीधे प्रभावितों के बीच पहुंचे सांसद ने इसे ‘बड़ी मानवीय त्रासदी’बताते हुए सरकार और प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाये.उन्होंने कहा कि पटना और दिल्ली में बैठकर राजनीति करने वालों को कुर्सेला की तबाही से कोई फर्क नहीं पड़ता. उन्होंने स्पष्ट कहा कि वे यहां राजनीति करने नहीं, बल्कि अपने लोगों के दर्द में साथ देने आए हैं. उन्होंने बताया कि यह मदद उनके मित्रों और समाजसेवी लोगों के सहयोग से जुटाई गई है, जो संकट की घड़ी में गरीबों के लिए आगे आते हैं.मुख्य रूप सांसद प्रवक्ता राजेश यादव, बबलू भगत,संजय सिंह इस्राइल आजाद, सुडु यादव, वैश खान, मंटू यादव, पवन यादव अरुण यादव, सुमित यादव, करण यादव, ललन, अभिषेक आनन्द, सयुब आलम आदि मौजूद थे.
अरुण कुमार प्रिंट माध्यम में 32 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत दैनिक हिन्दुस्तान से की. अभी प्रभात खबर के पूर्णिया कार्यालय में कार्यरत हैं. सामाजिक सरोकार, अपराध, शिक्षा, राजनीतिक खबरों में रुचि रखते हैं.