पप्पू यादव बोले- घटना के बाद नौ दिनों तक डगरूआ पुलिस क्या कर रही थी?
बच्चियों के गायब होने की सूचना पर पुलिस क्यों नहीं गंभीरता दिखाती ?
पूर्णिया. सांसद पप्पू यादव ने डगरूआ थाना क्षेत्र में पिछले दिनों एक युवती के साथ हुई गैंगरेप के बाद उसकी हत्या कर दिये जाने के मामले में पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाये हैं. उन्होंने कहा कि डगरूआ थाना क्षेत्र से 11 मार्च को गायब हुई लडकी का शव 20 मार्च को मक्का खेत से पुलिस ने बरामद की. लड़की के गायब होने की सूचना के बाद नौ दिन तक पुलिस क्या कर रही थी? पुलिस ने लड़की के गायब होने के मामले को गंभीरता से नहीं लिया. लड़कियों के अक्सर गायब होने के मामले को पुलिस प्रेम-प्रसंग का मामला मान कर गंभीर नहीं होती. डगरूआ से गायब लड़की के मामले में पुलिस अगर त्वरित कार्रवाई करती तो संभव है कि उसकी हत्या नहीं होती. सांसद श्री यादव रविवार को स्थानीय अर्जुन भवन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि लड़की को चार लड़कों ने पहले मेला घुमाया, इसके बाद उसके साथ सभी ने बारी-बारी से दुष्कर्म किया. इतना ही नहीं उसकी हत्या कर एसिड डाल कर जला भी दिया और शव को मक्का खेत में फेंक दिया. इससे बड़ा दुस्साहस क्या हो सकता है? उन्होंने कहा कि पुलिस अपनी कमजोरी को छिपाने के लिये लड़की को बलि का बकरा बनाया और उसका चरित्र हनन किया. उन्होंने कहा कि सभी दोषियों के विरुद्ध कोर्ट में स्पीडी ट्रायल चला कर फांसी की सजा दी जानी चाहिए. उन्होंने कहा कि घटना को लेकर मृतका के परिजनों ने पुलिस की कार्रवाई पर लापरवाही का आरोप लगाया है. पुलिस अगर समय पर सजग हो जाती तो लड़की की जान बच सकती थी. उन्होंने कहा कि ऐसी ही कार्रवाई पटना में नीटस की छात्रा के साथ हुई थी. नीटस छात्रा के हत्या की अगर सही जांच हो तो कई सफेदपोश फंसेगे. उन्होंने कहा कि डगरूआ में हुए घटना में पुलिस की कार्रवाई को लेकर उनके द्वारा आइजी से शिकायत की गयी है. बेटियों की सुरक्षा को लेकर सरकार गंभीर नहीं दिखती. जिस भी थाना क्षेत्र के इलाके में ऐसी घटना हो तो इसके लिए वहां के थानेदार को दोषी करार देते हुए कार्रवाई होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि राज्य में एक ओर इंस्पेक्टर राज तो दूसरी ओर गुंडा राज चल रहा है.
