जर्जर छत, टपकता पानी और एक क्लास में 100 बच्चे! अमौर हाई स्कूल की दुर्दशा पर भड़के अख्तरुल ईमान, शिक्षा मंत्री से की नए भवन की मांग

अमौर के विधायक अख्तरुल ईमान ने शिक्षा मंत्री को क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था सुधारने के लिए तीन ज्ञापन सौंपे हैं. उन्होंने अमौर उच्च माध्यमिक विद्यालय के लिए नए भवन, उर्दू विद्यालयों में पुरानी अवकाश व्यवस्था बहाल करने और विद्यालयों के समय में बदलाव की मांग की है.

पूर्णिया के अमौर विधायक सह बिहार विधानसभा की अल्पसंख्यक कल्याण समिति के सभापति अख्तरुल ईमान ने क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर शिक्षा मंत्री को तीन अलग-अलग ज्ञापन सौंपे हैं. उन्होंने अमौर उच्च माध्यमिक विद्यालय के लिए नए भवन निर्माण, उर्दू विद्यालयों में साप्ताहिक अवकाश की पुरानी व्यवस्था बहाल करने और विद्यालयों के समय में बदलाव की मांग की है. विधायक ने कहा कि मौजूदा व्यवस्था से ग्रामीण, किसान, मजदूर और अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों के विद्यार्थियों की पढ़ाई और उपस्थिति प्रभावित हो रही है.

अमौर उच्च माध्यमिक विद्यालय में भवन की मांग

विधायक ने बताया कि अमौर स्थित उच्च माध्यमिक विद्यालय क्षेत्र का सबसे पुराना और प्रमुख शैक्षणिक संस्थान है. यहां 1000 से अधिक छात्र-छात्राएं नामांकित हैं, लेकिन कमरों की भारी कमी के कारण एक कक्षा में 80 से 100 बच्चों को बैठना पड़ रहा है.

उन्होंने कहा कि विद्यालय की पुरानी छतें जर्जर हो चुकी हैं और बरसात के मौसम में पानी टपकने के कारण पठन-पाठन प्रभावित होता है. वर्ष 2019-20 में मॉडल भवन निर्माण की विभागीय स्वीकृति मिलने के बावजूद अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है. विधायक ने नए भवन का निर्माण जल्द शुरू कराने की मांग की है.

उर्दू विद्यालयों में पुरानी अवकाश व्यवस्था बहाल करने की मांग

विधायक ने 6 अगस्त 2026 के विभागीय आदेश का हवाला देते हुए कहा कि शनिवार को हाफ-डे और रविवार को पूर्ण अवकाश का निर्देश दिया गया है. उनका कहना है कि अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों और पूर्व से अधिसूचित उर्दू विद्यालयों में इस व्यवस्था से पठन-पाठन प्रभावित हो रहा है.

उन्होंने बताया कि शुक्रवार को दोपहर 12:30 से 1:30 बजे तक जुमा की नमाज के कारण पढ़ाई प्रभावित होती है. ऐसे में उन्होंने उर्दू विद्यालयों में पूर्व की तरह शुक्रवार को साप्ताहिक अवकाश और गुरुवार को हाफ-डे की व्यवस्था बनाए रखने की मांग की है.

विद्यालय समय में बदलाव की भी मांग

विधायक ने वर्तमान विद्यालय समय-सारणी को लेकर भी शिक्षा मंत्री का ध्यान आकृष्ट कराया. उन्होंने कहा कि मध्याह्न भोजन के बाद ग्रामीण, मजदूर और किसान परिवारों के बच्चे कई बार विद्यालय से अनुपस्थित हो जाते हैं या अभिभावक उन्हें घरेलू काम के लिए घर बुला लेते हैं.

उन्होंने विद्यार्थियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए सोमवार से शुक्रवार तक विद्यालय का समय सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक तथा शनिवार को सुबह 8 बजे से 11:30 बजे तक निर्धारित करने की मांग की है.

तीन ज्ञापनों के माध्यम से रखी मांग

अख्तरुल ईमान ने शिक्षा मंत्री के समक्ष तीन अलग-अलग ज्ञापनों के माध्यम से विद्यालय भवन, उर्दू विद्यालयों की अवकाश व्यवस्था और स्कूल टाइमिंग से जुड़े मुद्दे रखे. उन्होंने शिक्षा विभाग से क्षेत्र की स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक निर्णय लेने की मांग की है.


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Sunil Kumar

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >