पूर्णिया के कृत्यानंदनगर से मो. शहजादा हसन की रिपोर्ट
Minor Kidnapping: पूर्णिया जिले के कृत्यानंदनगर थानाक्षेत्र अंतर्गत परोरा पंचायत के परोरा बलुआ टोल (वार्ड संख्या 12) से एक सनसनीखेज और कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाली वारदात प्रकाश में आई है. यहाँ बीते 24 मई की रात अपने ही घर से अपहृत हुई 13 वर्षीय एक नाबालिग किशोरी से जबरन शादी रचाने का मामला सामने आया है. लोकलाज और कानून को ताक पर रखकर मुख्य आरोपी ने स्वयं अपने सोशल मीडिया अकाउंट से इस जबरन विवाह का वीडियो इंटरनेट पर वायरल कर दिया, जिससे इलाके में तनाव और आक्रोश का माहौल है.
इस घिनौनी हरकत के बाद हरकत में आई केनगर थाना पुलिस ने अपहृत नाबालिग लड़की की पीड़ित माता के लिखित आवेदन पर त्वरित कार्रवाई करते हुए 25 मई को कांड संख्या 157/2026 दर्ज कर मामले की सघन छानबीन शुरू कर दी है.
बहला-फुसलाकर भगा ले गया 23 वर्षीय युवक, दोस्त ने दिया साथ
पीड़ित मां ने केनगर थाना पुलिस को दिए अपने शिकायती आवेदन में पूरी घटना का दर्द बयां किया है. आवेदन के अनुसार:
- आधी रात को गायब हुई बच्ची: बीते 24 मई की रात करीब 10:00 बजे जब मां ने अपनी 13 वर्षीय नाबालिग पुत्री को घर में नहीं पाया, तो परिवार में हड़कंप मच गया. परिजनों ने रात में ही आस-पड़ोस और रिश्तेदारों के यहां खोजबीन शुरू की.
- पड़ोसी युवक पर आरोप: खोजबीन के क्रम में ग्रामीणों से पता चला कि टोला पड़ोस का ही रहने वाला 23 वर्षीय युवक राजकिशोर सिंह (पिता- अज्ञात, निवासी परोरा बलुआ टोल, वार्ड संख्या 15, थाना केनगर) उनकी नाबालिग बेटी को बहला-फुसलाकर अगवा कर ले गया है.
- सहयोगी की भूमिका: इस अपहरण की साजिश में आरोपी राजकिशोर को उसी के एक ग्रामीण दोस्त रोहित कुमार (उम्र 25 वर्ष, निवासी वार्ड संख्या 11) ने पूरी मदद की और बाइक व ठिकाना उपलब्ध कराकर लड़की को भगाने में सहयोग किया.
शिकायत करने गए पीड़ित परिवार को बंधक बनाकर पीटा, दी जान से मारने की धमकी
ससुराल वालों की दबंगई: अंचल में कानून का खौफ इस कदर खत्म हो चुका है कि जब असहाय पीड़ित मां अपनी बच्ची की बरामदगी की गुहार लेकर आरोपी राजकिशोर सिंह के घर (वार्ड संख्या 15) पहुंची, तो आरोपी के परिजनों ने अपनी गलती मानने के बजाय पीड़ित परिवार पर ही हमला बोल दिया.
लड़की की मां का आरोप है कि लड़के के माता-पिता और भाइयों ने मिलकर उनके साथ गाली-गलौज की, लाठी-डंडों से मारपीट कर उन्हें जख्मी कर दिया और दोबारा घर आने या पुलिस में जाने पर पूरे परिवार को जान से मारने की सीधे शब्दों में धमकी दी. इसके बाद डरा-सहमा पीड़ित परिवार सीधे थाने पहुंचा.
जल्द होगी छात्रा की सुरक्षित बरामदगी: थानाध्यक्ष अजय कुमार अजनबी
इस गंभीर और पोक्सो एक्ट (POCSO Act) से जुड़े संवेदनशील मामले को लेकर केनगर के थानाध्यक्ष अजय कुमार अजनबी ने कड़ा रुख अख्तियार किया है. उन्होंने आधिकारिक तौर पर बताया:
“नाबालिग लड़की के अपहरण और सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो को पुलिस ने बेहद गंभीरता से लिया है. पीड़िता की मां के बयान पर प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है. पुलिस की एक विशेष टीम टेक्निकल सेल और सर्विलांस की मदद से वायरल वीडियो के आईपी एड्रेस और मोबाइल लोकेशन को ट्रेस कर रही है. हमारी पहली प्राथमिकता नाबालिग छात्रा को सकुशल और सुरक्षित बरामद करना है, जिसके लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है. मुख्य आरोपी राजकिशोर, उसके सहयोगी रोहित और मारपीट करने वाले लड़के के परिजनों को जल्द ही गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा.”
