जीएमसीएच को बदहाली से शीघ्र निजात दिलाएं मंत्री : पप्पू यादव

सांसद पप्पू यादव ने पूर्णिया के जीएमसीएच की अव्यवस्था पर कई सवाल उठाए हैं और केंद्रीय मंत्री को पत्र लिखकर इस संस्थान को बदहाली से शीघ्र निजात दिलाने को कहा है.

जीएमसीएच की अव्यवस्था पर सांसद ने उठाए कई सवाल, केंद्रीय मंत्री को लिखा पत्र

जीएमसीएच को लेकर लोकसभा में भी उठाया था मुद्दा और की हस्तक्षेप की मांग

पूर्णिया. सांसद पप्पू यादव ने पूर्णिया के जीएमसीएच की अव्यवस्था पर कई सवाल उठाए हैं और केंद्रीय मंत्री को पत्र लिखकर इस संस्थान को बदहाली से शीघ्र निजात दिलाने को कहा है. केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा को पत्र लिखा है. उन्होंने जीएमसीएच में चिकित्सकों की भयावह कमी, फंड अभाव, निर्माण कार्य ठप एवं एनसीसी कंपनी द्वारा अस्पताल सुविधाओं को ताला लगाकर बंद रखने एवं मरीजों के उपचार में बाधा उत्पन्न करने के संबंध में तत्काल हस्तक्षेप करने का आग्रह किया. याद रहे कि सांसद श्री यादव ने इस मुद्दे पर लोकसभा में केंद्र सरकार का ध्यान आकर्षित कराया था. इसमें उन्होंने कहा था कि अस्पताल की व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है और यह स्थिति लाखों नागरिकों के जीवन से सीधे जुड़ी हुई है.

सांसद श्री यादव ने अपने पत्र में कहा है कि पूर्वोत्तर सीमांचल यानी पूर्णिया, कटिहार, अररिया, किशनगंज और नेपाल सीमा क्षेत्र के करोड़ों लोगों के स्वास्थ्य का केंद्रीय सहारा जीएमसीएच पूर्णिया इस समय गम्भीर संकट से गुजर रहा है. प्रतिदिन लगभग तीन हजार से अधिक मरीजों की निर्भरता वाले इस अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाएं चरमराई हुई है. पत्र में कहा गया है कि यहां 200 डॉक्टरों की आवश्यकता है, जबकि मात्र 40 डॉक्टरों के सहारे पूरा संचालन चल रहा है और स्वीकृत 500 में से केवल 300 बेड ही चालू हैं, जिससे गंभीर मरीजों को घंटों इंतजार और जोखिम का सामना करना पड़ रहा है. पप्पू यादव ने इसे अत्यंत चिंताजनक बताते हुए कहा कि आइसीयू, माड्यूलर ओटी, एसएनसीयू/पीआइसीयू, स्पेशलिटी वार्ड और ट्रॉमा एटी जैसी महत्वपूर्ण इकाइयों का निर्माण फंड की कमी के कारण वर्षों से अधर में लटका है. इससे आपातकालीन सेवाओं में बड़ा संकट पैदा हो गया है.

निर्माण कार्य में देरी का सीधा असर मरीजों पर

सांसद श्री यादव ने कहा कि निर्माण कार्य में देरी का सीधा असर गंभीर मरीजों के उपचार पर पड़ रहा है. आलम यह है कि कंस्ट्रक्शन कंपनी ने अस्पताल की लिफ्ट पर ताला लगा दिया है. कई वार्ड-कमरों को बंद कर संचालन बाधित कर दिया है. लिफ्ट बंद होने से स्ट्रेचर व व्हीलचेयर मूवमेंट रुक गया है और मरीजों को मजबूरन जमीन पर लेटकर इलाज कराना पड़ रहा है. उन्होंने केंद्रीय मंत्री से तत्काल विशेषज्ञ डॉक्टरों एवं स्टाफ की अतिरिक्त तैनाती और प्रतिनियुक्ति, रुके हुए निर्माण के लिए आवश्यक फंड के शीघ्र निर्गमन, कंस्ट्रक्शन कंपनी को लिफ्ट, वार्ड और कमरे तुरंत खोलने का निर्देश देने, कंपनी की भूमिका की जांच व कार्रवाई एवं फंड विवाद का समाधान प्रशासनिक स्तर पर सुनिश्चित करने की मांग की है. सांसद ने सरकार से तुरंत हस्तक्षेप करते हुए फंड जारी करने और निर्माण कार्य बहाल कर डॉक्टरों की भर्ती सहित सभी आवश्यक कदम उठाने की मांग की है.

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