पूर्णिया विवि के नये परीक्षा नियंत्रक प्रो अमरकांत के समक्ष कई अहम चुनौतियां
पूर्णिया विश्वविद्यालय
पूर्णिया. पूर्णिया विश्वविद्यालय के नये परीक्षा नियंत्रक प्रो. अमरकांत सिंह के लिए कई अहम चुनौतियां हैं. जिस प्रकार से पिछले साल जांच कमेटी की रिपोर्ट से परीक्षा विभाग पर बुरी तरह से आंच आयी, उससे परीक्षा विभाग को पूरी तरह से उबारना पहली चुनौती होगी. मानक के अनुरूप परीक्षा विभाग की कार्यप्रणाली सुनिश्चित करनी होगी. परीक्षा से लेकर मूल्यांकन और सारणीयन से लेकर परीक्षाफल प्रकाशन तक समन्वय और पारदर्शिता की जरूरत होगी. दरअसल, बीते एक साल में वे चौथे परीक्षा नियंत्रक होंगे. लगभग एक साल तक कार्य करने के बाद प्रो. ए के पांडेय को परीक्षा विभाग के दायित्व से अप्रैल 2025 में मुक्त किया गया. इसके बाद प्रो. अरविंद कुमार वर्मा ने परीक्षा नियंत्रक का दायित्व सशर्त वहन किया. इसलिए अल्पावधि में ही वे इस दायित्व से मुक्त हो गये. वर्तमान में प्रो. यू एन सिंह परीक्षा विभाग का दायित्व वहन कर रहे हैं. जबकि उप परीक्षा नियंत्रक के रूप में प्रो. संतोष कुमार सिंह उनको सहयोग कर रहे हैं. आगामी 20 जनवरी को नये परीक्षा नियंत्रक प्रो. अमरकांत सिंह अपना पदभार ग्रहण करेंगे. ————————- पहली बार दूसरे विवि के प्राध्यापक बने परीक्षा नियंत्रक पूर्णिया विवि में यह पहला अवसर होगा जब दूसरे विवि के कोई प्राध्यापक परीक्षा नियंत्रक का महती दायित्व निर्वहन करेंगे. स्थापना के आठ साल में अबतक पूर्णिया विवि के अधीनस्थ महाविद्यालयों के प्राध्यापक को ही यह जिम्मेदारी मिल रही थी. पहले परीक्षा नियंत्रक के रूप में पूर्णिया कॉलेज के प्राध्यापक प्रो. विनय कुमार सिंह ने यह दायित्व लंबे काल तक संभाला. उनके बाद पूर्णिया कॉलेज के ही प्राध्यापक प्रो. एके पांडेय, फिर फारबिसगंज कॉलेज के प्राध्यापक प्रो. अरविदं कुमार वर्मा और जीएलएम कॉलेज बनमनखी के प्राध्यापक यूएन सिंह रहे हैं. अब दूसरे विवि के प्राध्यापक को परीक्षा नियंत्रक बनाये जाने के बाद विवि प्रशासन को भी अपने स्तर से समन्वय की दिशा में प्राथमिकता देनी होगी. ———————– समय पर परीक्षा और परीक्षाफल मुख्य मसला पूर्णिया विवि ने स्थापना के वर्ष से ही समय पर परीक्षा और परीक्षाफल का संकल्प धारण किया है. अपना पहला रिजल्ट भी पूर्णिया विवि ने महज छह दिन में दिया था. इसके बाद भी स्नातक जैसी बड़ी परीक्षाओं में रिकॉर्ड अल्पावधि में रिजल्ट जारी किये गये. ऐसे में उस संकल्प को कायम रखने की चुनौती नये परीक्षा नियंत्रक को होगी. चूंकि नये परीक्षा नियंत्रक पुराने और बड़े विवि में शुमार टीएमबीयू से संबद्ध हैं, इसलिए उनकी कार्यप्रणाली से छात्र-छात्राओं को काफी अपेक्षा रहेगी. ————————– परीक्षा व पंजीयन के ऑनलाइन कार्यों को त्रुटिमुक्त बनाना जरूरी नये परीक्षा नियंत्रक के लिए सबसे अहम विषय परीक्षा व पंजीयन के ऑनलाइन कार्यों को त्रुटिमुक्त बनाये रखना है. विद्यार्थियों को सबसे ज्यादा परेशानी ऑनलाइन कार्यों में ही आ रही है. जरा सी भी त्रुटि हो जाने पर परीक्षा फॉर्म भरने से लेकर रिजल्ट तक में मामला फंस जाता है. पूर्व में कई बार मामला इतना जटिल हो गया था कि विवि को विशेष परीक्षाएं भी आयोजित करानी पड़ीं. ————————- छात्रहित में होगा परीक्षा विभाग संचालित : प्रो. अमरकांत सिंह पूर्णिया विवि के नये परीक्षा नियंत्रक प्रो. अमरकांत सिंह आगामी 20 जनवरी को पूर्णिया विवि में अपना योगदान देंगे. मोबाइल पर संपर्क करने पर उन्होंने बताया कि छात्रहित को सर्वोपरि रखते हुए परीक्षा विभाग का संचालन किया जायेगा. जो भी लंबित कार्य हैं, उनका त्वरित निष्पादन उनकी प्राथमिकता होगी. उन्होंने बताया कि अगर परीक्षाएं लंबित हैं, तो उन्हें जल्द से जल्द करा परीक्षा परिणाम दिया जाएगा. प्रो. अमरकांत सिंह ने बताया कि परीक्षा कार्यों को अपटूडेट करना उनका प्राथमिक लक्ष्य होगा.
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