मंत्रोच्चार के साथ हुई भगवान विष्णु की पूजा, श्रद्धालुओं ने धारण किया अनंत

श्रद्धालुओं ने धारण किया अनंत

पूर्णिया. दिवस विशेष पर श्रद्धालुओं ने श्रद्धा एवं आस्था के साथ भगवान विष्णु के अनंत स्वरुप की पूजा की. इस दौरान मंत्रोच्चार के साथ पूजन अनुष्ठान किया गया और भगवान विष्णु की आरती उतार कर सुख , शांति व समृद्धि की कामना की गई. भक्ति के साथ पूजा के बाद पुरुष व महिला श्रद्धालुओं ने अपनी बांहो में अनंत सूत्र धारण किया. इसी के साथ अनंत चतुर्दशी का एक दिवसीय पर्व सम्पन्न हो गया. शनिवार को अनंत चतुर्दशी को लेकर शहर में सुबह से ही उत्सव का माहौल बना हुआ था. सुबह सबसे पहले मंदिरों की सफाई की गई जहां आठ बजे के बाद से भक्तों की भीड़ उमड़ने लगी थी. कथा वाचन के लिए अलग-अलग मंदिरों में व्यवस्था की गई थी. मंदिरों में पहले मंगलाचरण के साथ भगवान गणेश की पूजा के बाद भगवान विष्णु के अनंत स्वरुप की पूजा मंत्रोच्चार के साथ की गई. पूजा के बाद दूध, दही व शहद के मिश्रण में भक्तों ने भगवान अनंत को ढूंढने का जतन किया और फिर हवन और आरती के बाद अनुष्ठान का विधिवत समापन किया गया. इससे पहले सभी श्रद्धालुओं ने व्रत रखा और अनंत सूत्र का धारण करने के बाद पारण किया. पंडित विष्णुकान्त झा ने बताया कि आज के दिन नमक नहीं खाया जाता है और विशेष प्रकार के पकवान बनाए जाते हैं. पं. श्री झा ने बताया कि भादो माह में शुक्ल पक्ष की चौदस यानी चतुर्दशी तिथि को भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप की पूजा अनंत चतुर्दशी के रूप में की जाती है.पूजा के बाद पुरुष दाएं और स्त्रियां बाएं हाथ में अनंत धारण करती है. मान्यता है कि अनंत सूत्र धारण करने से लोगों के सारे दुख और परेशानियां दूर हो जाती है और उनकी सभी मनोकामनाएं भी पूर्ण होती है.

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