शस्त्रों का भौतिक सत्यापन नहीं कराये जाने पर प्रशासन ने उठाया कदम
पूर्णिया. आसन्न बिहार विधान सभा चुनाव को लेकर पूर्णिया जिला के शस्त्र अनुज्ञप्तिधारियों को शस्त्र का भौतिक सत्यापन कराने के लिए समय तय किया गया था. इसके बावजूद अभी भी 29 शस्त्रों का भौतिक सत्यापन नहीं किया जा सका है. जिला प्रशासन ने ऐसे शस्त्रधारियों को अपने शस्त्रों का भौतिक सत्यापन का एक और मौका दिया है. इसके लिए 20 अगस्त अंतिम तारीख रखी गयी है. इसके बाद भी शस्त्र अनुज्ञप्तिधारियों द्वारा शस्त्रों का भौतिक सत्यापन नहीं कराया गया जो आयुध नियम 2016 के नियम 30, 31 एवं अनुज्ञप्ति की शर्त 112 (1) के ”ख’ का उल्लंघन है. इस तरह विधानसभा निर्वाचन के मद्देनजर जिले के इन शस्त्र अनुज्ञप्तिधारियों को अपने शस्त्रों का भौतिक सत्यापन हेतु विभिन्न तिथियों पर तीन बार अवसर प्रदान किये जाने के बाद भी अपने शस्त्र एवं कारतूस का भौतिक सत्यापन अभी तक नहीं कराया गया है, जो शस्त्र अनुज्ञप्ति की शर्तों का उल्लंघन है. अतः आयुध अधिनियम, 1959 की धारा-4 एवं 21 तथा धारा-17(3) के कंडिका “क” एवं “घ” एवं आयुध नियमावली, 2016 के नियम 47 में प्रावधानित शक्तियों का प्रयोग करते हुए उपरोक्त शस्त्र अनुज्ञप्ति को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है. संबंधित थानाध्यक्ष को निदेश दिया गया है कि पत्र का तामिला संबंधित शस्त्र अनुज्ञप्तिधारियों को करवाते हुए शस्त्र को अविलंब जब्त कर थाना के मालखाना में जमा करना सुनिश्चित करें. साथ ही संबंधित शस्त्र अनुज्ञप्तिधारियों को निदेशित किया गया है कि पत्र प्राप्ति के एक पक्ष के अंदर कारणपृच्छा दाखिल करें कि क्यों नहीं उनकी शस्त्र अनुज्ञप्ति को अनुज्ञप्ति की शर्तों का उल्लंघन करने के आरोप में रद्द कर दिया जाय. यदि उपरोक्त असत्यापित शस्त्रों के अनुज्ञप्तिधारियों के द्वारा निर्धारित अवधि में कारण पृच्छा समर्पित नहीं किया जाता है, तो यह समझा जायेगा कि उन्हें इस मामले में कुछ नहीं कहना है, तथा आयुध नियमावली, 2016 की कंडिका-47 के अंतर्गत शस्त्र अनुज्ञप्ति को रद्द करने की कार्रवाई की जायेगी.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
