पूर्णिया के रूपौली से विजय कुमार सिंह की रिपोर्ट
Leopard: पूर्णिया जिले के रूपौली प्रखंड अंतर्गत धूसर टीकापट्टी पंचायत के चकला मोड़ बहियार में बीते 27 मई को एक हमलावर तेंदुए को उग्र भीड़ द्वारा मार दिए जाने की घटना के बाद भी इलाके में खौफ का माहौल है, ग्रामीणों के बीच अब एक और तेंदुए के खुलेआम घूमने की चर्चा ने जोर पकड़ लिया है, इसी बीच एक स्थानीय ग्रामीण ने सनसनीखेज दावा किया है कि बीती रात एक तेंदुआ सीधे उसके घर के आंगन तक पहुंच गया था, इस घटना के बाद से टीकापट्टी तेरासी टोला और आसपास के गांवों में बेचैनी और दहशत का माहौल है, सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और वन विभाग की टीम ने प्रभावित इलाके में पहुंचकर पंजों के निशान बरामद किए हैं.
रात 10 बजे फकीर मंडल के आंगन में घुसा तेंदुआ, पुलिस को दी गई सूचना
ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, यह डराने वाली घटना रात्रि लगभग 10:00 बजे के आसपास की है:
- आंगन में हलचल: टीकापट्टी तेरासी टोला निवासी फकीर मंडल के घर के लोग जब सोने की तैयारी कर रहे थे, तभी उनके आंगन में एक तेंदुए जैसा वन्यजीव दिखाई दिया, शोर मचाने पर वह वहां से भाग निकला, डरे सहमे परिजनों ने तुरंत इसकी जानकारी सरपंच प्रतिनिधि संतोष मंडल को दी.
- पुलिस और वन विभाग अलर्ट: सरपंच प्रतिनिधि ने बिना वक्त गंवाए टीकापट्टी थाना पुलिस को पूरे मामले से अवगत कराया, घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस टीम ने फौरन मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और तुरंत इसकी सूचना वन विभाग (Forest Department) के उच्च अधिकारियों को दी.
बहियार की तरफ समूह में जाने की सलाह, चकला में वन विभाग का कैंप
सुरक्षा के निर्देश: टीकापट्टी के थानाध्यक्ष अभिषेक कुमार ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि ऐहतियात के तौर पर वन विभाग की रेस्क्यू टीम को प्रभावित क्षेत्र में चौबीस घंटे मुस्तैद रखा गया है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके.
वर्तमान में फॉरेस्ट गार्ड अक्षय कुमार के नेतृत्व में वन विभाग की एक विशेष टीम लगातार चकला बहियार और रिहायशी इलाकों में कैंप कर रही है, टीम के सदस्यों द्वारा ग्रामीणों को लगातार सतर्कता बरतने के कड़े दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं, वन विभाग ने लाउडस्पीकर और जनसंपर्क के माध्यम से ग्रामीणों से अपील की है कि वे अकेले सुनसान रास्तों पर न निकलें, विशेषकर यदि किसी को खेती या अन्य जरूरी काम से बहियार (खेतों) की तरफ जाना हो, तो अकेले जाने के बजाय हमेशा लाठी-डंडे के साथ समूह (Group) में जाएं.
संरक्षित किए गए पंजों के निशान, विशेषज्ञ करेंगे असली पड़ताल
तेंदुए की मौजूदगी के दावों के बीच, ग्रामीणों की निशानदेही पर स्थानीय पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम ने प्रभावित क्षेत्र से कुछ वन्यजीव के पंजों के निशान (Pugmarks) बरामद कर उन्हें सुरक्षित कर लिया है:
- साक्ष्य जुटाए गए: टीम ने पंजों के निशानों की वैज्ञानिक जांच के लिए अलग-अलग कोणों से कई तस्वीरें ली हैं और उनकी वीडियो रिकॉर्डिंग भी तैयार की है.
- विशेषज्ञों की जांच का इंतजार: वन विभाग के वरिष्ठ विशेषज्ञों और वन्यजीव ट्रैकर्स द्वारा इन संरक्षित पंजों के निशानों की गहन पड़ताल की जाएगी, इसके बाद ही आधिकारिक तौर पर यह स्पष्ट हो सकेगा कि ये पंजे सचमुच किसी दूसरे जीवित तेंदुए के हैं, या फिर 27 मई को मारे गए मृत तेंदुए के ही पुराने निशान हैं, जब तक विशेषज्ञों की अंतिम रिपोर्ट नहीं आ जाती, तब तक पूरे रूपौली प्रखंड में हाई अलर्ट जारी रहेगा.
