पूर्णिया. राष्ट्रीय समाज विज्ञान परिषद एवं मगध विश्वविद्यालय, बोधगया के संयुक्त तत्वावधान में गयाजी में आयोजित 8वें राष्ट्रीय सम्मेलन में इग्नू शिक्षार्थी सहायता केन्द्र , पूर्णिया कॉलेजके सहायक समन्वयक डॉ. सूरज कुमार ने महिला सशक्तीकरण एवं समावेशी विकास में जीविका योजना की भूमिका का एक विश्लेषणात्मक अध्ययन विषय पर अपना व्याख्यान दिया. डॉ. सूरज ने कहा कि बिहार में संचालित 335 जीविका दीदी की रसोई के माध्यम से आम लोगों को कम कीमत पर पोषणयुक्त भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है, वहीं इससे 5000 से अधिक जीविका दीदियों को सम्मानजनक रोजगार भी प्राप्त हुआ है. इसके साथ ही राज्य में अब तक 31.71 लाख जीविका दीदियों को लखपति दीदी घोषित किया जा चुका है, जो ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक प्रगति का सशक्त प्रमाण है. उन्होंने यह भी बताया कि 114 जीविका दीदियों द्वारा संचालित पुस्तकालय ग्रामीण विद्यार्थियों को शिक्षा, ज्ञान एवं मार्गदर्शन प्रदान कर रहे हैं. जीविका से जुड़ी महिलाए न केवल स्वयं आत्मनिर्भर बनी हैं, बल्कि लगभग 51 लाख से अधिक महिलाओं ने अपने पति एवं बेटों को भी रोजगार से जोड़ा है.
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