पूर्णिया. लोकसभा की कार्यवाही के दौरान पूर्णिया के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने धारा 377 के तहत अपने संसदीय क्षेत्र पूर्णिया (बिहार) में चल रही सरकारी योजनाओं में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का मुद्दा उठाया. उन्होंने केंद्र सरकार का ध्यान विशेष रूप से प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) और ‘नल से जल’ (जल जीवन हरियाली) योजना के क्रियान्वयन में हो रही गड़बड़ियों की ओर आकर्षित किया. सांसद ने कहा कि पूर्णिया के कई गांवों में सड़क निर्माण कार्य तकनीकी मानकों के अनुरूप नहीं हो रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि सड़कों की मोटाई निर्धारित मानकों से कम रखी जा रही है, कई जगह काम अधूरा है और कई परियोजनाएं केवल कागजों पर पूरी दिखा दी गई हैं. इसके बावजूद ठेकेदारों और संबंधित अधिकारियों को पूरा भुगतान किया जा रहा है, जो गंभीर वित्तीय अनियमितता को दर्शाता है. पप्पू यादव ने ‘नल से जल’ योजना की स्थिति पर भी गहरी चिंता व्यक्त की. उन्होंने कहा कि कई गांवों में पाइपलाइन की गुणवत्ता बेहद खराब है, मोटर काम नहीं कर रही है और जहां पानी पहुंच भी रहा है, वह गंदा और पीने योग्य नहीं है. उन्होंने इसे आम जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ बताते हुए कहा कि सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं का लाभ लोगों तक नहीं पहुंच पा रहा है. सांसद ने इन अनियमितताओं के पीछे स्थानीय स्तर पर माफिया तंत्र और अधिकारियों की कथित मिलीभगत की ओर इशारा किया. उन्होंने कहा कि इस तरह की व्यवस्था से न केवल सार्वजनिक धन का दुरुपयोग हो रहा है, बल्कि गरीब ग्रामीणों को बुनियादी सुविधाओं से भी वंचित होना पड़ रहा है. उन्होंने इसे प्रशासनिक लापरवाही और जवाबदेही की कमी का परिणाम बताया. पप्पू यादव ने मांग की कि इन दोनों योजनाओं के कार्यों की स्वतंत्र और उच्चस्तरीय तकनीकी व वित्तीय जांच कराई जाये. साथ ही दोषी ठेकेदारों और अधिकारियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक और आपराधिक कार्रवाई की जाए तथा पूरी जांच रिपोर्ट लोकसभा के पटल पर प्रस्तुत की जाए, ताकि पारदर्शिता सुनिश्चित हो और जनता को न्याय मिल सके.
Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.