पप्पू यादव ने उठाया सीमांचल की सड़कों का मुद्दा, दिसंबर तक कई परियोजनाएं पूरी करने का भरोसा

कोसी और सीमांचल के लोगों के लिए सड़क संपर्क को बेहतर बनाने वाली कई प्रमुख परियोजनाओं पर तेजी से काम शुरू हो गया है. NHAI ने दिसंबर तक कई परियोजनाओं के पूरा होने का भरोसा दिया है, जिससे क्षेत्र में आवागमन सुगम होगा.

Kosi Seemanchal Road Projects: कोसी और सीमांचल के लोगों के लिए सड़कों से जुड़ी कई बड़ी परियोजनाओं पर अब तस्वीर साफ होने लगी है. पूर्णिया के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने दिल्ली में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के सदस्य (परियोजना) अनिल चौधरी से मुलाकात कर क्षेत्र की लंबित सड़क और राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का मुद्दा उठाया. बैठक में सांसद को कई परियोजनाओं पर दिसंबर तक काम पूरा करने का भरोसा दिया गया.

बैठक में सहरसा से पूर्णिया तक के आरओबी और सड़क निर्माण कार्यों के साथ सहरसा-पूर्णिया और सहरसा-मधेपुरा कोर्ट सड़क परियोजना की प्रगति पर चर्चा हुई. एनएचएआई की ओर से बताया गया कि इन परियोजनाओं को दिसंबर की निर्धारित समय-सीमा से आगे नहीं जाने देने का प्रयास किया जा रहा है.

अगर ये परियोजनाएं तय समय में पूरी होती हैं, तो कोसी, सीमांचल और आसपास के इलाकों में सड़क संपर्क बेहतर होने के साथ यात्रा और माल परिवहन में भी राहत मिलने की उम्मीद है.

पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे का प्रस्ताव कैबिनेट तक पहुंचा

बैठक में सबसे महत्वपूर्ण मुद्दों में पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे भी रहा. सांसद पप्पू यादव के अनुसार, एक्सप्रेसवे का प्रस्ताव कैबिनेट तक पहुंच चुका है.

उन्होंने बताया कि समस्तीपुर से जुड़े कुछ विवाद और एलाइनमेंट के कारण प्रक्रिया में रुकावट आयी थी. अब इन मुद्दों को स्पष्ट करने और प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की दिशा में कार्रवाई चल रही है.

पटना और पूर्णिया के बीच बेहतर सड़क संपर्क की लंबे समय से मांग होती रही है. ऐसे में एक्सप्रेसवे परियोजना आगे बढ़ने की स्थिति में क्षेत्र के लिए इसका व्यापक असर हो सकता है.

जीरोमाइल बाइपास को एक्सप्रेसवे से जोड़ने की तैयारी

पूर्णिया के जीरोमाइल बाइपास को लेकर भी बैठक में महत्वपूर्ण सहमति बनने की बात सांसद ने कही.

प्रस्ताव के अनुसार, अररिया की ओर से आने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग और जीरोमाइल पर मिलने वाले बाइपास को सीधे पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे से जोड़ने की दिशा में काम होगा.

जीरोमाइल क्षेत्र में लगातार बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए यह कनेक्टिविटी महत्वपूर्ण मानी जा रही है. एक्सप्रेसवे से सीधा जुड़ाव होने पर शहर के व्यस्त हिस्सों में वाहनों का दबाव कम करने में मदद मिल सकती है.

गेड़ाबाड़ी-कोढ़ा सड़क का डीपीआर तैयार

सांसद के मुताबिक, गेड़ाबाड़ी-कोढ़ा सड़क परियोजना का डीपीआर तैयार हो चुका है.

इसके अलावा हरदा से पूर्णिया एयरपोर्ट तक सड़क निर्माण को लेकर भी राज्य सरकार ने एनएचएआई की सहमति से निर्णय लिया है. एयरपोर्ट तक बेहतर सड़क संपर्क बनने से यात्रियों के साथ-साथ क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को भी फायदा होने की उम्मीद है.

बेलोरी को एक्सप्रेसवे से जोड़ने की मांग को मंजूरी मिलने और बेलोरी बाइपास को एक्सप्रेसवे से जोड़ने की दिशा में भी सहमति बनी है.

राजमहल से कटिहार तक फोरलेन सड़क को अंतिम रूप

राजमहल से दिग्घा होते हुए कटिहार तक प्रस्तावित फोरलेन सड़क की पुरानी मांग पर भी बैठक में चर्चा हुई. सांसद के अनुसार, इस परियोजना को अंतिम रूप दिया जा चुका है और इसके लिए टेंडर प्रक्रिया भी पूरी होने की जानकारी दी गयी है.

इसके साथ ही सन्हौली-बारसोई और कटिहार-सन्हौली मार्ग को राजमहल की सड़कों से जोड़ने तथा पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे को राजमहल-दिग्घा फोरलेन कॉरिडोर से जोड़ने की दिशा में भी सहमति बनी है.

इन कनेक्टिविटी परियोजनाओं का उद्देश्य अलग-अलग सड़क मार्गों को आपस में जोड़कर क्षेत्र में आवागमन को अधिक सुगम बनाना है.

25 साल से अधूरे वीरपुर-बिहपुर एनएच का मुद्दा भी उठा

बैठक में सांसद ने कोसी-सीमांचल की महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना एनएच-131, पूर्व में एनएच-106, वीरपुर-बिहपुर सड़क का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया.

सांसद ने कहा कि करीब 25 वर्षों बाद भी यह परियोजना अधूरी है. उन्होंने सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की.

वीरपुर-बिहपुर मार्ग कोसी क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है. लंबे समय से परियोजना के अधूरे रहने का असर स्थानीय लोगों के आवागमन और क्षेत्रीय संपर्क पर पड़ता रहा है.

दरभंगा-सुपौल फोरलेन को धार्मिक स्थलों से जोड़ने का सुझाव

पप्पू यादव ने दरभंगा-सुपौल प्रस्तावित फोरलेन को आगे सिंहेश्वर और रानीगंज तक विस्तारित करने का सुझाव दिया. उन्होंने इसे एनएच-327ई से जोड़ने की बात भी रखी.

सांसद ने प्रस्तावित कॉरिडोर को कुशेश्वर स्थान और सहरसा के महिषी तारा स्थान सूर्य मंदिर जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों से जोड़ने का सुझाव दिया.

उनका कहना है कि ऐसा होने पर मिथिला, कोसी और सीमांचल के बीच सड़क संपर्क और मजबूत होगा. इससे केवल आवागमन ही नहीं, बल्कि पर्यटन, कृषि, व्यापार और रोजगार को भी बढ़ावा मिल सकता है.

Kosi Seemanchal Road Projects: अब सवाल समय पर काम पूरा होने का

कोसी और सीमांचल में सड़क परियोजनाओं की घोषणाएं और लंबित योजनाएं लंबे समय से स्थानीय राजनीति और आम लोगों की मांग का हिस्सा रही हैं. ऐसे में एनएचएआई की बैठक के बाद दिसंबर तक कई परियोजनाओं को पूरा करने का भरोसा मिलने से उम्मीद जरूर जगी है.

हालांकि, अब लोगों की नजर इस बात पर होगी कि जिन परियोजनाओं के लिए समय-सीमा बतायी गयी है, उन पर जमीन पर कितनी तेजी से काम होता है.

सांसद पप्पू यादव ने एनएचएआई के सदस्य को ज्ञापन सौंपकर क्षेत्र की सड़क समस्याओं और लंबित परियोजनाओं को सामने रखा है. अब इन प्रस्तावों और आश्वासनों को वास्तविक सड़क, पुल और बाइपास के रूप में बदलना संबंधित विभागों की अगली बड़ी जिम्मेदारी होगी.

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लेखक के बारे में

By अरुण कुमार

अरुण कुमार प्रिंट माध्यम में 32 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत दैनिक हिन्दुस्तान से की. अभी प्रभात खबर के पूर्णिया कार्यालय में कार्यरत हैं. सामाजिक सरोकार, अपराध, शिक्षा, राजनीतिक खबरों में रुचि रखते हैं.

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