पूर्णिया, केनगर. बीते 6 अगस्त को 10 हजार रुपये रिश्वत लेने के मामले में विद्युत विभाग के जेई भारत मलिक और दो टेक्नीशियनों की गिरफ्तारी के बाद जांच लगातार जारी है. इसी मामले में बुधवार को दिन करीब 3:30 बजे एसवीयू की टीम केनगर प्रखंड स्थित विद्युत कार्यालय पहुंची. टीम के पहुंचते ही कार्यालय में अफरातफरी की स्थिति देखी गई.
कार्यपालक सहायक से हुई गहन पूछताछ
एसवीयू टीम ने जांच के दौरान विद्युत कार्यालय के एक कार्यपालक सहायक से गहन पूछताछ की. टीम मामले से जुड़े दस्तावेजों और अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं की जांच कर रही है. इधर, एसवीयू की टीम के कार्यालय पहुंचने के बाद वहां मौजूद कई कर्मी और अधिकारी बाहर निकलते देखे गए. हालांकि जांच के दौरान टीम की ओर से विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई.
मजबूत दस्तावेजी साक्ष्य जुटाने में लगी एसवीयू
मामले के अनुसंधान की कमान संभाल रहे एसवीयू के अनुसंधान पदाधिकारी इंस्पेक्टर विजय कुमार तिवारी और सीनियर इंस्पेक्टर राघव सिंह ने बताया कि गिरफ्तार जेई और दोनों टेक्नीशियनों के खिलाफ मजबूत दस्तावेजी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं. उन्होंने बताया कि जांच संवेदनशील और गोपनीय चरण में है. ऐसे में जांच से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं को फिलहाल सार्वजनिक नहीं किया जा सकता.
न्यायिक हिरासत में हैं तीनों आरोपी
मामले में गिरफ्तार जेई भारत मलिक और दोनों टेक्नीशियनों को न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की बात सामने आई है. फिलहाल तीनों के भागलपुर जेल में न्यायिक हिरासत में रहने की जानकारी मिली है. एसवीयू की जांच अब मामले से जुड़े अन्य दस्तावेजी और संभावित तथ्यों पर केंद्रित है. जांच पूरी होने के बाद ही रिश्वत मामले से जुड़े पूरे घटनाक्रम की तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी.
