पूर्णिया से विकास वर्मा की रिपोर्ट
Janki Nagar Cylinder Blast: बिहार के सीमांचल प्रक्षेत्र अंतर्गत पूर्णिया जिले के जानकीनगर थाना इलाके से एक बड़ी और हृदयविदारक दुर्घटना की खबर आई है. क्षेत्र के चकमका गांव में बीती देर शाम एक आवासीय घर के भीतर चाय बनाने के दौरान गैस सिलेंडर ने अचानक आग पकड़ ली. आग पर काबू पाने के स्थानीय प्रयासों के बीच सिलेंडर में एक जोरदार ब्लास्ट हो गया. इस भीषण विस्फोट की चपेट में आकर घर में मौजूद एक ही परिवार के तीन लोग गंभीर रूप से झुलसकर जख्मी हो गए हैं. वहीं, आग की लपटों ने पूरे घर को अपनी आगोश में ले लिया, जिससे पीड़ित परिवार की जीवन भर की गाढ़ी कमाई और अनाज जलकर मलबे में तब्दील हो गया.
आग बुझाने की कोशिश के दौरान हुआ जोरदार विस्फोट; गांव में मची अफरा-तफरी
हादसे की भयावहता और जमीनी परिस्थितियों की मुख्य कड़ियां बेहद विचलित करने वाली हैं. जख्मी मो. इस्राइल ने अस्पताल में आपबीती सुनाते हुए बताया कि घर की रसोई में सामान्य दिनों की तरह चाय बनाई जा रही थी, तभी अचानक रेगुलेटर के समीप से गैस रिसाव के कारण सिलेंडर ने आग पकड़ ली.
लपटों को तेजी से बढ़ता देख परिवार के कनिष्ठ व वरिष्ठ सदस्य बिना समय गंवाए उसे बुझाने की कोशिशों में जुट गए. इसी दौरान अत्यधिक हीटिंग के कारण सिलेंडर में एक गगनभेदी धमाका हुआ. विस्फोट इतना तीव्र था कि घर की दीवारें ढह गईं और आसपास के रिहायशी प्रक्षेत्र के कली-मजदूरों और ग्रामीणों के बीच अफरा-तफरी और भगदड़ मच गई.
जीएमसीएच पूर्णिया में कराया गया भर्ती; एक पीड़ित की स्थिति नाजुक
“इस दर्दनाक हादसे में चकमका गांव निवासी मो. सलीम, मो. इस्राइल और मो. शमसाद गंभीर रूप से झुलस गए हैं. घटना के तुरंत बाद स्थानीय ग्रामीणों और परिजनों की मुस्तैदी से तीनों घायलों को आनन-फानन में पूर्णिया के राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (जीएमसीएच) के बर्न वार्ड में भर्ती कराया गया. चिकित्सा कप्तानों के अनुसार, झुलसे हुए तीन लोगों में से एक व्यक्ति की शारीरिक स्थिति अत्यंत नाजुक बनी हुई है और कनिष्ठ स्वास्थ्यकर्मी लगातार उनकी लाइव मॉनिटरिंग कर रहे हैं.”
25 हजार नगद समेत सारा राशन स्वाहा; पीड़ित परिवार के सामने संकट
इस अग्निकांड और विसंगति के कारण पीड़ित परिवार को भारी आर्थिक क्षति उठानी पड़ी है. घर के भीतर बक्से में रखे कुल 25 हजार रुपये नगद और परिवार के भरण-पोषण के लिए रखी भारी मात्रा में खाद्य सामग्री (राशन) पूरी तरह जलकर खाक हो गई.
घटना के बाद से ही चकमका गांव में मातमी सन्नाटा और पीड़ित परिजनों के बीच कोहराम मचा हुआ है. स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों ने जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों से प्रभावित मुख्य प्रक्षेत्र का मुआयना करने तथा गरीब पीड़ित परिवार को तत्काल आपातकालीन राहत सामग्री और विधिक मुआवजा राशि संधारित कराने की पुरजोर मांग की है.
