प्राइवेट अस्पताल में भी जन्म या मृत्यु होने पर जल्द होगा रजिस्ट्रेशन व मिलेगा प्रमाण पत्र

स्कूल-आंगनबाड़ी में भी लगेगी विशेष शिविर

– स्कूल-आंगनबाड़ी में भी लगेगी विशेष शिविर – जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में जिलास्तरीय प्रशिक्षण आयोजित पूर्णिया. अर्थ एवं सांख्यिकी निदेशालय के निर्देशानुसार जिला में घटित होने वाली जन्म एवं मृत्यु की सभी घटनाओं के रजिस्ट्रीकरण से संबंधित कार्य में संलग्न पदाधिकारी व कर्मियों के क्षमतावर्धन हेतु जिला पदाधिकारी अंशुल कुमार की अध्यक्षता में जिलास्तरीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया. प्रशिक्षण के दौरान जिला पदाधिकारी अंशुल कुमार ने उपाधीक्षक जीएमसीएच पूर्णिया एवं जिला सांख्यिकी पदाधिकारी को निर्देश दिया कि सभी रजिस्ट्रर्ड प्राइवेट अस्पताल का आईडी खोलते हुए संबंधित रजिस्ट्रेशन इकाई से टैग करवाना सुनिश्चित करें ताकि प्राइवेट अस्पताल में जन्म लेने वाले बच्चे अथवा मृत का प्रमाण-पत्र उसके परिजन को तुरंत उपलब्ध कराया जा सके. सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं प्रखंड सांख्यिकी पदाधिकारी को संयुक्त रूप से सभी रजिस्ट्रार सह पंचायत सचिव की साप्ताहिक समीक्षात्मक बैठक हेतु निर्देशित किया गया. साथ ही साथ प्रत्येक सप्ताह एक विद्यालय एवं एक आंगनवाड़ी केन्द्र को टैग करते हुए रोस्टर तैयार करने हेतु कहा किया गया ताकि कैम्प लगा कर विद्यालय एवं आंगनवाड़ी केंद्र के बच्चों का शत प्रतिशत जन्म प्रमाण-पत्र बनवाया जा सके. अस्पताल में जन्म लिये गये बच्चों का जन्म प्रमाण-पत्र बिना नामकरण के भी जन्म प्रमाण पत्र निर्गत कर बच्चे के माता-पिता या परिजन को उपलब्ध कराया जाना है. इसमें एक वर्ष के अंदर नाम अंकित करवाना है. इस पर विशेष रूप से ध्यान आकृष्ट किया गया ताकि अस्पताल में जन्म लिए गये बच्चे का शत प्रतिशत जन्म प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराया जा सके. ऐसे जन्म एवं मृत्यु की सूचना जन्म-मृत्यु घटित होने के 21 दिनों के अन्दर प्राप्त होती है तो अधिनियम के अनुरूप उन्हें जन्म -मृत्यु प्रमाण-पत्र निःशुल्क उपलब्ध कराया जाना है. ऐसे किसी जन्म-मृत्यु की सूचना जन्म-मृत्यु घटित होने के 21 दिनों बाद एवं 30 दिनों के भीतर रजिस्ट्रार को प्राप्त होती है तो 2 रुपया विलंबित शुल्क प्राप्त करने के उपरांत प्रमाण पत्र उपलब्ध कराया जाना है. ऐसे किसी जन्म-मृत्यु की सूचना जन्म/मृत्यु घटित होने के 30 दिनों बाद एवं 1 वर्ष के भीतर रजिस्ट्रार को प्राप्त होती है तो 5 रुपया विलंबित शुल्क, 1 वर्ष बाद रजिस्ट्रार को प्राप्त होती है तो 10 रूपया विलंबित शुल्क प्राप्त करने के उपरांत प्रमाण पत्र उपलब्ध कराया जाना है. 21 दिनों से उपर विलम्बित सभी घटनाओं का विभाग द्वारा निर्धारित प्राधिकार से अनुमति के उपरांत ही जन्म-मृत्यु प्रमाण-पत्र निर्गत किया जाना है. इस प्रशिक्षण में सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी , सभी कार्यपालक पदाधिकारी नगर परिषद्, नगर पंचायत, सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी,सभी उपाधीक्षक, अनुमंडलीय अस्पताल एवं सभी सहायक सांख्यिकी पदाधिकारी,सभी प्रखंड सांख्यिकी पदाधिकारी ने भाग लिया. पंचायत स्तरीय सभी रजिस्ट्रार के क्षमतावर्धन हेतु प्रशिक्षण प्रखंड स्तर पर भी निर्धारित किया गया है लंबित एससीएसटी वादों की हुई समीक्षा पूर्णिया. कल्याण पदाधिकारी द्वारा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 तथा उससे संबंधित नियम, 1995 के अंतर्गत शुक्रवार को विशेष लोक अभियोजक, पूर्णिया के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक में न्यायालय में लंबित अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति से संबंधित वादों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई. साथ ही गवाही हेतु उपस्थित होने वाले पीड़ितों एवं गवाहों को देय यात्रा भत्ता, अन्य आवश्यक सुविधाओं की स्थिति तथा प्रकरणों के त्वरित एवं प्रभावी निष्पादन हेतु आवश्यक बिंदुओं पर विचार-विमर्श किया गया.

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