जिले को कालाजार मुक्त बनाने की हो रही आवश्यक पहल

कालाजार उन्मुखीकरण अभियान

कालाजार उन्मुखीकरण अभियान :

राज्यस्तरीय अधिकारियों के साथ एकदिवसीय कार्यशाला का हुआ आयोजन

कालाजार मुक्त जिला घोषित होने पर जिला को मिलेगा डोजियर प्रमाणपत्र

पूर्णिया. जिले में कालाजार ग्रसित मरीजों की संख्या में लगातार कमी पायी जा रही है. ऐसे में पूर्णिया जिले को कालाजार उन्मुक्त जिला साबित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार प्रयास किया जा रहा है. इसके लिए राज्य स्वास्थ्य विभाग द्वारा राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (जीएमसीएच) के आरटीपीसीआर भवन में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया. आयोजित कार्यशाला में जिले के सभी प्रखंड स्वस्थ्य अधिकारियों को वर्तमान में ग्रसित मरीजों को चिकित्सकीय सहायता प्रदान करते हुए स्वास्थ्य और सुरक्षित करने की जानकारी दी गई. जिला भेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ आर पी मंडल ने बताया कि पूर्व में कालाजार मुक्त लोगों के स्वस्थ्य होने की जानकारी प्राप्त करते हुए संबंधित क्षेत्र में अन्य लोगों के कालाजार सुरक्षित होने पर जिले को कालाजार मुक्त घोषित किया जाएगा. केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले को कालाजार मुक्त घोषित करने के बाद देश के अन्य क्षेत्रों में कालाजार उन्मूलन के लिए ऐसे स्वास्थ्य सहायता प्रदान करते हुए देश को कालाजार मुक्त बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रेरित किया जाएगा ताकि पूरा देश कालाजार उन्मूलन होते हुए स्वस्थ्य और सुरक्षित रह सके. डॉ आर पी मंड़ल ने बताया कि कालाजार मुक्त जिला घोषित करने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले में वर्ष 2018 से कालाजार ग्रसित होने पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा आवश्यक जांच और चिकित्सकीय सहायता प्राप्त करते हुए स्वस्थ्य होने की जानकारी ली जाएगी. इस दौरान ग्रसित लोगों द्वारा स्वास्थ्य विभाग से मिलने वाले चिकित्सकीय सहायता के साथ साथ आवश्यक वित्तीय सहायता की जानकारी ली जाएगी. आवश्यक जांच और सहायता मिलने के साथ साथ क्षेत्र में कालाजार ग्रसित मरीजों की संख्या में होने वाली कमी साबित होने पर केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग द्वारा पूर्णिया जिला को केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग द्वारा डोजियर प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा. राज्य स्वास्थ्य अधिकारियों में आनंद कुमार, आरिफ अंसारी, बसब रूज, रणविजय कुमार आदि मौजूद थे.

वर्ष 2024 में भी जिले में पाये गये थे कम मरीज

डॉ आर पी मंड़ल ने बताया कि वर्ष 2024 में पूर्णिया जिले में सिर्फ 20 कालाजार ग्रसित मरीज पाए गए थे जिन्हें स्वास्थ्य विभाग द्वारा आवश्यक चिकित्सकीय सहायता प्रदान करते हुए स्वस्थ्य और सुरक्षित किया गया है. इसके बाद जिले के विभिन्न क्षेत्रों में कालाजार ग्रसित मरीजों की संख्या में बहुत कमी पायी गई है जिससे जिला कालाजार मुक्त घोषित किया जा सकता है.

संक्रमित मरीजों को दी जाती है सहायता राशि

डॉ आर पी मंडल ने कहा कि लक्षण दिखाई देने पर संबंधित मरीजों द्वारा नजदीकी अस्पताल से जांच और उपचार सुविधा का लाभ उठाने पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा संबंधित मरीजों को आवश्यक सहयोग राशि उपलब्ध करायी जाती है. अस्पताल से उपचार कराने पर भीएल मरीजों को श्रम क्षतिपूर्ति के रूप में मुख्यमंत्री सहायता कोष से 6600 रुपये और भारत सरकार की ओर से 500 रुपये की सहयोग राशि सीधे मरीजों के बैंक खाते में उपलब्ध करायी जाती है.

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Author: ARUN KUMAR

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