उद्योग विभाग इस वर्ष दो हजार युवाओं को देगा स्वरोजगार के साधन

बेरोजगारी की समस्या को दूर करने और युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए सरकार द्वारा लगातार प्रयास किये जा रहे हैं.

प्रशिक्षण के बाद लाभार्थियों के लिए जारी की जाएगी प्रथम किस्त की राशि

पूर्णिया. बेरोजगारी की समस्या को दूर करने और युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए सरकार द्वारा लगातार प्रयास किये जा रहे हैं. उनके रोजी रोजगार के लिए लघु कुटीर उद्योगों से लेकर युवाओं को इंटरप्रेन्योर बनाने की पहल ने इस दिशा में बेहतर परिणाम दिए हैं. जिले में युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने और विभिन्न उद्योगों की स्थापना के लिए प्रशिक्षण एवं संसाधन जुटाने में उद्योग विभाग की पहल सराहनीय है. कई युवाओं ने खुद को इन उद्योगों से जोड़कर अपने साथ साथ कुछ अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर तैयार किये हैं. इसी कड़ी में बिहार लघु उद्यमी योजना अंतर्गत पूर्णिया जिले में उद्योग विभाग द्वारा 2349 युवाओं को विभिन्न प्रकार के उद्योगों की स्थापना में सहयोग देने के लिए इस वर्ष चयनित किया गया है. उन सभी का चयन वित्तीय वर्ष 2024-25 के तहत किया गया है. सभी लाभुकों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम निर्धारित किये गये हैं, जिसके बाद उन सभी के द्वारा अपने मनपसंद उद्योगों की स्थापना के लिए तय शुदा राशि की पहली किश्त जारी की जायेगी.

डेढ़ हजार से ज्यादा युवा ले चुके हैं प्रशिक्षण

बिहार लघु उद्यमी योजना अंतर्गत पूर्णिया जिले में वित्तीय वर्ष 2024-25 में चयनित सभी 2349 लाभुकों का प्रशिक्षण जिला उद्योग केंद्र पूर्णिया के द्वारा कराया जाना है. इनमें से अबतक क्रमवार 1500 से ज्यादा लाभुक ने प्रशिक्षण ले चुके हैं, शेष के प्रशिक्षण के लिए जिला उद्योग केंद्र द्वारा उन सभी से संपर्क किया जा रहा है. इधर जिला उद्योग केंद्र महाप्रबंधक ने भी सभी चयनित लोगों से इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में निश्चित रूप से शामिल होकर स्वरोजगार की दिशा में आगे कदम बढ़ाने को कहा है. उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रशिक्षण के पश्चात लाभुकों के स्वरोजगार के लिए प्रथम किश्त की राशि जारी की जायेगी.

दर्जनों प्रकार के उद्यम के लिए हैं अवसर

बिहार लघु उद्यमी योजना अंतर्गत विभाग द्वारा डेढ़ लाख से लेकर दो लाख वाले उद्यमों की लंबी फेहरिस्त है, जिसमें जुड़कर कोई भी युवा अथवा युवती स्वरोजगार कर सकते हैं. ऐसे दर्जनों कारोबार चिन्हित हैं जिसे आसानी से हल्के प्रशिक्षण के बाद संचालित किये जा सकते हैं. कृषि आधारित उद्योगों में विभिन्न प्रकार की फसलों, फलों, रेशों, सहित फर्नीचर, सजावटी सामग्रियां, इलेक्ट्रिक एवं इलेक्ट्रोनिक सामान, डिटर्जेंट आदि से संबंधित अधिकतम दो लाख रुपये राशि तक के कारोबार को शामिल किया गया है.

लघु उद्यमी योजना अंतर्गत जिले में वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए कुल 2349 लाभुकों का चयन किया गया है. इनमें अबतक 1550 लोगों के प्रशिक्षण का कार्य कराया गया है. शेष अभ्यर्थियों से भी अपील है कि यथाशीघ्र जिला उद्योग केंद्र कार्यालय से संपर्क कर आवश्यक दस्तावेज समर्पित करें और प्रशिक्षण प्राप्त करें. प्रशिक्षण उपरांत ही योजना अंतर्गत प्रथम किस्त की राशि का भुगतान लाभुकों को किये जाने का प्रावधान है.

संजीव कुमार, महाप्रबंधक, जिला उद्योग केंद्रB

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Author: ARUN KUMAR

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