पूर्णिया. संत शिरोमणि गुरु रविदास की 650वीं जयंती के अवसर पर जिला प्रशासन की ओर से समरसता संकल्प अभियान चलाया जा रहा है. इसके तहत जिले के सभी प्रखंडों के अनुसूचित जाति बहुल टोलों में विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी. उप विकास आयुक्त अंजनि कुमार ने प्रेसवार्ता में बताया कि गुरु रविदास कलश को जिले के 34 मंडलों में विभिन्न स्थानों पर भ्रमण के लिए दिया गया है. इसके बाद 27 अगस्त से विकास शिविरों का आयोजन शुरू किया जाएगा.
1300 टोलों और घरों तक पहुंचेगी कलश यात्रा
डीडीसी अंजनि कुमार ने बताया कि गुरु रविदास कलश यात्रा पंचायत स्तर से होते हुए जिले के करीब 1300 अनुसूचित जाति टोलों और घर-घर तक पहुंचेगी. इस दौरान समाज के लिए संत रविदास के योगदान और उनके संदेशों से लोगों को अवगत कराया जाएगा. कलश यात्रा में विशेष रूप से बीस सूत्री एवं नागरिक परिषद के सदस्यों को शामिल किया जाना है.
27 अगस्त से शुरू होगा विकास शिविर
उप विकास आयुक्त ने बताया कि अनुसूचित जाति बहुल टोलों में 27 अगस्त 2026 से विकास शिविर आयोजित किए जाएंगे. शिविर प्रत्येक गुरुवार को लगाए जाएंगे और यह अभियान 15 फरवरी 2027 तक चलेगा. शिविरों में ग्रामीणों से आवेदन लिए जाएंगे और संबंधित विभागों के माध्यम से उनके मामलों के निष्पादन की पहल की जायेगी.
टोला वार तैयार हो रहा माइक्रोप्लान
डीडीसी ने बताया कि विकास शिविरों के सफल संचालन के लिए टोला वार माइक्रोप्लान तैयार किया जा रहा है. जल्द ही शिविरों के लिए संबंधित पदाधिकारियों और कर्मियों की प्रतिनियुक्ति भी सुनिश्चित की जाएगी. उन्होंने कहा कि जिस तरह वर्तमान में सहयोग शिविर संचालित किए जा रहे हैं, उसी तर्ज पर विकास शिविरों का संचालन किया जाएगा.
22 योजनाओं से जुड़े मामलों का होगा निष्पादन
विकास शिविरों में अनुसूचित एवं महादलित परिवारों को विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ने पर विशेष जोर रहेगा. राशन कार्ड, उज्ज्वला योजना, बच्चों का विद्यालय में दाखिला, आंगनबाड़ी सेवाएं, जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र, आधार कार्ड और कौशल विकास कार्यक्रम से जुड़े मामलों का निष्पादन किया जायेगा.
रोजगार और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं पर भी फोकस
शिविर में मुख्यमंत्री निश्चय एवं सहायता भत्ता योजना, ई-श्रम कार्ड, आयुष्मान कार्ड, पीएम आवास योजना, वास भूमि बंदोबस्ती, सामाजिक सुरक्षा योजनाएं, बुनियाद केंद्र से संबंधित योजनाएं और नल-जल योजना से जुड़े मामलों को भी शामिल किया गया है. इसके अलावा ग्रामीण पक्की गली-नाली योजना, मनरेगा जॉब कार्ड, जनधन योजना, जीवन ज्योति बीमा, सुरक्षा बीमा योजना, बिजली कनेक्शन और जीविकोपार्जन के लिए जीविका समूहों से जोड़ने पर भी काम किया जायेगा.
स्वच्छता और ग्रामीण विकास योजनाओं का भी लाभ
विकास शिविरों में ग्रामीण कार्य विभाग की योजनाओं तथा स्वच्छ भारत मिशन के तहत लोहिया स्वच्छता अभियान, सामुदायिक एवं व्यक्तिगत शौचालय से जुड़े मामलों का भी निष्पादन किया जाएगा. प्रशासन का उद्देश्य पात्र परिवारों को योजनाओं से जोड़कर स्थानीय स्तर पर उनकी समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करना है.
