सीओ ने कहा- नाजिर का स्थानांतरण हो गया है, प्रभार देते ही करेंगे भुगतान अमौर. अमौर अंचल में ढाइ साल बाद भी चार अग्निपीड़ित परिवारों को मुआवजा नदारद है. पीड़ित लगातार अंचल के चक्कर लगा रहे हैं. आलम यह है कि कभी आवंटन तो कभी नाजिर का पचड़ा लग रहा है. यह मामला बंगरा मेहदीपुर पंचायत के रमनी कलां गांव वार्ड नंबर 02 का है. इस संबंध में सीओ धीरेन्द्र कुमार ने बताया कि नाजिर का स्थानांतरण हो गया है,लेकिन उसके द्वारा अबतक प्रभार नहीं देने के कारण लेट हुआ है. प्रभार देते ही जल्द इसका भुगतान कर दिया जाएगा. जानकारी अनुसार 27 सितंबर 2023 की रात करीब 12:00 बजे अगलगी की घटना हुई थी.इस घटना में मुख्य रूप से चार परिवार दरुदा खातून पति इरशाद,आसिया खातून पति मुरताज, सम्मो पति सोबराती एवं नुरसबा पति सकिल प्रभावित हुए.इन सभी परिवारों का सब कुछ जल गया था . पीड़ित दरुदा खातून सहित अन्य पीड़ित परिवार ने बताया कि रहने के लिए कोई ठिकाना नहीं था, इसलिए कर्ज लेकर बांस का अस्थायी घर बनाया . पीड़ितों का आरोप है कि वे बार-बार अंचल कार्यालय अमौर के चक्कर लगाकर थक चुके हैं. आने-जाने के किराया-भाड़ा में भी काफी पैसे खर्च हो गए हैं, जो उनकी आर्थिक स्थिति को और बदतर बना रहा है. लेकिन 2.5 साल बीत जाने के बाद भी अबतक इसका लाभ नहीं मिला है. पीड़ित परिवारों ने जिला प्रशासन से मांग किया है कि उन्हें जल्द से जल्द सरकारी सहायता राशि दिलवायी जाए.
ढाई साल बाद भी मुआवजे को अंचल के चक्कर काट रहे चार अग्निपीड़ित परिवार
सीओ ने कहा- नाजिर का स्थानांतरण हो गया है, प्रभार देते ही करेंगे भुगतान
