अब विदेशी छात्र-छात्रा भी पूर्णिया विश्वविद्यालय से कर सकेंगे पीएचडी

विद्वत परिषद के निर्णय से विदेशी छात्रों को मिलेगा मौका

– पड़ोसी देश नेपाल, भूटान, बांग्लादेश, म्यांमार और चीन के छात्रों को होगा फायदा – उपकुलसचिव (शैक्षणिक) ने कहा- विद्वत परिषद के निर्णय से विदेशी छात्रों को मिलेगा मौका पूर्णिया. अब विदेशी छात्र-छात्रा भी पूर्णिया विवि से पीएचडी कर सकेंगे. इसे लेकर 20 जनवरी को कुलपति प्रो. विवेकानंद सिंह की अध्यक्षता में विद्वत परिषद् की 24वीं बैठक में अहम निर्णय लिया गया है. सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण पूर्णिया विवि के इस फैसले का फायदा पड़ोसी देश नेपाल, भूटान, बांग्लादेश, म्यांमार और चीन के छात्र-छात्रा आसानी से उठा पाएंगे. इस संबंध में पूर्णिया विवि के उपकुलसचिव (शैक्षणिक) डॉ. नवनीत कुमार ने बताया कि विद्वत परिषद की बैठक में पीएचडी को लेकर कई अहम निर्णय लिये गये हैं. इसके तहत अब विदेशी छात्र-छात्राओं को भी मौका मिलेगा कि वे भी पूर्णिया विवि से पीएचडी का अध्ययन कर डिग्री प्राप्त कर सकें. उन्होंने बताया कि यूजीसी के गाइडलाइन में इसके लिए व्यवस्था निर्धारित की गयी है. विदेश में रह रहे जो भी छात्र-छात्रा इच्छुक होंगे तो वे विहित प्रक्रिया का पालन करते हुए पीएचडी में प्रवेश ले सकेंगे. उन्होंने बताया कि शोध से संबंधित निर्णयों में पीएचडी सत्र 2024–2025 के लिए नामांकन ब्रोशर, कोर्स वर्क का नया सिलेबस, साहित्यिक चोरी रोकथाम विनियम–2026, पीएचडी उपाधि हेतु एसओपी तथा नामांकन से लेकर उपाधि प्रदान किए जाने तक की संपूर्ण कार्यप्रणाली को अनुमोदित किया गया. साथ ही यूजीसी रेगुलेशन के तहत नवनियुक्त शिक्षकों को पीएचडी शोध निदेशक के रूप में अनुमोदन प्रदान किया गया. नवनियुक्त शिक्षकों को पीएचडी शोध निदेशक का दायित्व मिल जाने से सीटों की संख्या में भी स्वाभाविक रूप से वृद्धि होगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >