हैनिमेन की जयंती पर होम्योपैथी की अहमियत पर किया फोकस

डॉ. सैमुअल हैनिमेन की जयंती

पूर्णिया. होम्योपैथी के जनक डॉ. सैमुअल हैनिमेन की जयंती के मौके पर पूर्णिया होम्योपैथिक मेडिकल एसोसिएशन ने अपने सदस्यों के साथ हैनिमेन साहब की तस्वीर पर पुष्प अर्पित किया. केक काट कर सभी को बधाई दी. इस मौके पर सभा की व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करते हुए डॉ. खुर्शीद आलम, डॉ.जावेद, डॉ.कृष्णा एवं डॉ.आर. एस.कुमार ने आगन्तुक डॉक्टरों का स्वागत किया. इस अवसर पर बीमारियों के निदान में होम्योपैथी की अहमियत पर फोकस किया गया. डॉ. दीपक, डॉ.गोतम भट्टाचार्य, डॉ.कुन्दन, डॉ.शेख अब्दुल कलाम आजाद, डॉ.रौनक हुसैन, डॉ.पुष्पराज कमल, डॉ.तौकिड़ अहमद, डॉ.जकिर अहमद ने इस पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज इस पैथी को लोग जानने लगे हैं और अपनी नई बीमारी के अलावा क्रोनिक बीमारियों का सफलता पूर्वक इलाज करवा कर स्वस्थ्य हो रहे हैं. सभा के अंत में संस्था के सचिव डॉ.मनोज कुमार केशरी ने बताया कि होम्योपैथी एक ऐसी वैकल्पिक चिकित्सा पद्धति है जो समरूपता के सिद्धांत पर आधारित है. इसमें शरीर की प्राकृतिक प्रतिरोधक क्षमता को सक्रिय कर रोगी का उपचार किया जाता है. होम्योपैथी की खास बात यह है कि इसमें दवाएं अत्यंत सूक्ष्म मात्रा में दी जाती है. यह पद्धति व्यक्ति के संपूर्ण स्वास्थ्य, शारीरिक, मानसिक, और भावनात्मक को ध्यान में रख कर इलाज करती है. यही कारण है कि आज के समय में लोग होम्योपैथी की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं. सभा के समापन पर डॉ.शहनवाज आलम एवं डॉ.रविशंकर कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन कर सभा को समाप्त किया.

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