सावधान! बदलते मिजाज में डायरिया का अटैक, हर दिन दर्जनों मरीज आ रहे अस्पताल

बरामदे पर चल रहा मरीजों का इलाज

जीएमसीएच के मेडिसिन वार्ड में सभी बेड फुल, बरामदे पर चल रहा मरीजों का इलाज मौसम के उतार चढ़ाव से अस्पतालों में बढ़ी भीड़, ज्यादातर डायरिया-दस्त की शिकायत पूर्णिया. जिले में क्षण क्षण बदलते मौसम के मिजाज ने लोगों में स्वास्थ्य की समस्या बढ़ा दी है. कभी सुबह की ठंड तो दोपहर में तेज धूप और कभी बारिश की बूंदा बांदी ने बच्चों से लेकर बड़े बुजुर्गों के स्वास्थ्य को प्रभावित किया है. इस मौसम में सर्दी खांसी और वायरल फीवर के अलावा बड़ी संख्या में लोग डायरिया और दस्त के शिकार हो रहे हैं. चिकित्सा हब कहे जाने वाले जिले के लाईन बाजार में बड़ी संख्या में लोग इलाज के लिए पहुंच रहे हैं. वहीं राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल के मेडिसिन वार्ड में सभी बेड फुल हैं नतीजतन वहां बरामदे पर लगे बेड पर भी मरीजों का इलाज चल रहा है. हालांकि इन भर्ती मरीजों में अन्य समस्याओं वाले मरीज भी हैं. मिली जानकारी के अनुसार यहां प्रतिदिन लगभग दर्जनों की संख्या में मरीज भर्ती के लिए पहुंच रहे हैं इनमें डायरिया और दस्त के मरीजों की भी संख्या शामिल है जबकि इलाज के बाद मरीजों को अस्पताल से छुट्टी भी दी जा रही है. दूसरी ओर जीएमसीएच में इलाज के लिए पहुंच रहे मरीजों को खासकर डायरिया और दस्त की स्थिति में उनके शरीर में पानी की कमी न हो इसके लिए उन्हें चिकित्सक दवा के साथ स्लाइन भी चढाने की सलाह देते हैं. लेकिन वर्तमान हालात को देखते हुए स्लाइन स्टैंड की कमी आड़े आ रही है. जीएमसीएच के पुराने भवन में चल रहे विभिन्न वार्डों में इसकी कमी देखी जा रही है. नतीजतन स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा मरीज को स्लाइन या ब्लड चढ़ाने के लिए स्टैंड के खाली होने का इंतजार करना पड़ता है. चिकित्सक दे रहे सावधानी बरतने की सलाह वर्तमान हालात को देखते हुए चिकित्सकों ने लोगों से सावधानी बरतने की सलाह दी है. चिकित्सकों का कहना है कि ऐसे मौसम में स्वस्थ रहने के लिए खानपान और रहन सहन पर विशेष ध्यान देने की जरुरत है. बच्चे हो या बुजुर्ग स्वच्छ जल और ताजा भोजन स्वास्थ्यकर है. वहीं बाहरी खानपान, तले भुने चीजों, बासी भोजन के साथ साथ गंदगी से ऐसे रोगों की संभावना बढ़ जाती है. ऐसे में अगर किसी को भी डायरिया अथवा दस्त की शिकायत हो जाए तो उसका त्वरित इलाज कराना जरुरी है. बोले चिकित्सक मौसम में बदलाव की वजह से बड़ों और छोटे बच्चों में डायरिया, दस्त, डिहाइड्रेशन आदि की शिकायत बढ़ गयी है. इससे बचने के लिए उन्हें घर का बना ताजा भोजन और स्वच्छ पानी देना जरुरी है. प्रभावित लोगों और बच्चों को ओआरएस घोल, नारियल का पानी और चिकित्सक से उनका उचित इलाज कराना चाहिए. उन्हें गर्मी में डिहाइड्रेशन न हो इसके लिए समय समय पर पीने के लिए स्वच्छ जल भी देना चाहिए. डॉ. प्रेम प्रकाश, पेडिया विभागाध्यक्ष जीएमसीएच

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Author: ARUN KUMAR

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