पदाधिकारी हर माह समन्वय बनाकर करें मामलों का शीघ्र निष्पादन

डीएम ने की जिले की विधि-व्यवस्था की समीक्षा

डीएम ने की जिले की विधि-व्यवस्था की समीक्षा, दिये कई जरूरी निर्देश

पूर्णिया. जिला पदाधिकारी अंशुल कुमार ने शनिवार को जिले की विधि व्यवस्था की समीक्षा की. संबंधित अधिकारियों के साथ महानंदा सभागार में हुई बैठक में डीएम ने विधि व्यवस्था की अद्यतन स्थिति एवं कार्य प्रगति की विभागवार जानकारी ली. इस बैठक में पुलिस अधीक्षक,अपर समाहर्ता,सहायक आयुक्त मद्य निषेध पूर्णिया,जिला परिवहन पदाधिकारी,जिला भू-अर्जन पदाधिकारी,सभी अनुमंडल पदाधिकारी एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, पुलिस उपाधीक्षक यातायात, जिला कल्याण पदाधिकारी, खनिज विकास पदाधिकारी, सभी जिला अभियोजन पदाधिकारी पूर्णिया,सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी,अंचलाधिकारी तथा सभी थानाध्यक्षों ने भाग लिया.

जिलाधिकारी ने संबंधित न्यायालयों में चल रहे विभिन्न कांडों की अद्यतन स्थिति एवं प्रगति की समीक्षा की. उन्होने न्यायालय में चल रहे विभिन्न मामलों की अद्यतन स्थिति की सूची समर्पित करने और मामलों के त्वरित निष्पादन कराने को लेकर सभी अभियोजकों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिये.जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक माह की द्वितीय एवं 16 वीं तिथि को अनिवार्य रूप से सभी थानाध्यक्ष, अंचलाधिकारी एवं संबंधित पदाधिकारी के साथ समन्वय बनाकर दिए गए विभिन्न निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करें.

मद्य निषेध की समीक्षा:-

समीक्षा के दौरान पाया गया कि उत्पाद अधीक्षक द्वारा समर्पित प्रतिवेदन त्रुटि पूर्ण है. जिलाधिकारी ने इसे गंभीरता से लेते हुए उत्पाद अधीक्षक को निर्देशित किया कि मद्य निषेध से संबंधित कांडों की अद्यतन स्थिति की पूर्ण व्योरा थानावार निर्धारित समय सीमा के अंदर समर्पित करें.उत्पाद अधीक्षक को चेतावनी दी गयी कि समीक्षा बैठक के पूर्व त्रुटि रहित सभी डेटा संग्रह कर प्रतिवेदन समर्पित करें.

भू-विवाद:-

शनिवार को अंचलाधिकारी एवं थाना अध्यक्ष द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित जनता दरबार में प्राप्त भूमि विवाद से संबंधित मामलों की समीक्षा की गयी.जिलाधिकारी ने सभी थानाध्यक्ष से कहा है कि शनिवार को थाना में आयोजित जनता दरबार में अब आप केवल आवेदन लें.सरकार के निर्देशानुसार अब भूमि विवाद से संबंधित मामलें की सुनवाई के लिए जनता दरबार का आयोजन संबंधित अंचलाधिकारी के कार्यालय में होगा. संबंधित थाना अध्यक्ष एवं अंचलाधिकारी समन्वय स्थापित कर भूमि विवाद के मामलों का नियमानुकूल समय पर निष्पादन करें.

नीलम पत्र वाद की समीक्षा :

नीलम पत्र वाद की समीक्षा के दौरान प्रभारी पदाधिकारी नीलम पत्रवाद को निर्देश दिया गया कि बकायादारों से राशि की वसूली हेतु वारंट एवं नोटिस जारी करें. सभी थानाध्यक्षों को निर्देशित किया गया कि नीलम पत्रवाद के नोटिस को संबंधित बकायादारों से तामिला ससमय करना सुनिश्चित करें ताकि नियमानुसार बकाया राशि की वसूली की जा सके. जिलाधिकारी ने कहा कि नीलाम पत्र की प्रगति संतोषजनक नहीं है. नियमित रूप से नीलम पत्र वाद से संबंधित कोर्ट करें और बकायादारों से राशि की वसूली सुनिश्चित करें.

अतिक्रमण की समीक्षा:-

जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि सरकारी भूमि पर किए गए अतिक्रमण की समीक्षा करें और अंचलाधिकारी के माध्यम से विधिवत अतिक्रमण वाद का अभिलेख संधारित कराकर सरकारी भूमि से अतिक्रमण मुक्त कराना सुनिश्चित करें.

कल्याण विभाग की समीक्षा:-

अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम अंतर्गत दायर कांडों में पीड़ित परिवारों को मुआवजा भुगतान अनुसंधान की प्रगति आरोप पत्र समर्पित करने तथा न्यायालय में लंबित वादों की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की गई. उक्त मामले से संबंधित पीड़ित परिवारों को नियमानुसार सभी मुआवजे ससमय भुगतान करने का निर्देश दिया गया.

भू अर्जन:-

कार्यों की समीक्षा के दौरान जिला भू-अर्जन पदाधिकारी को निर्देश दिया गया कि भू अर्जन संबंधित मामलों में उत्पन्न विधि व्यवस्था की समीक्षा करते हुए विवादों के निपटारा हेतु अग्रेतर कार्रवाई सुनिश्चित करें. इसके लिए राष्ट्रीय उच्च पथ,राज्य उच्च पथ, पथ निर्माण विभाग,ग्रामीण कार्य विभाग एवं संबंधित अभियंत्रण विभाग के अभियंताओं के साथ समन्वय स्थापित कर समीक्षा करने का निर्देश दिया गया.

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Author: ARUN KUMAR

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