बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन पूर्णिया. बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत गुरूवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पूर्णिया के सभागार में एक दिवसीय कार्यशाला सह प्लानिंग कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्घाटन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, पूर्णिया कन्हैया जी चौधरी के ने किया. इस मौके पर जिला बाल संरक्षण इकाई के अमरेश कुमार, अवर न्यायाधीश सह सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकार सुनील कुमार एवं मो. सज्जाद आलम, चाइल्ड राइट एसोसिएट, एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन मौजूद थे. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने बाल विवाह की समस्या पर विस्तारपूर्वक चर्चा करते हुए कहा कि बाल विवाह समाज के विकास में एक बड़ी बाधा है. उन्होंने बाल विवाह से होने वाली शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक हानियों के बारे में बताया तथा इसे रोकने के लिए कानून में किए गए प्रावधानों की जानकारी दी. साथ ही उन्होंने सभी संबंधित विभागों एवं समाज के लोगों से बाल विवाह रोकने के लिए समन्वित प्रयास करने का आह्वान किया. जिला बाल संरक्षण इकाई, समाज कल्याण विभाग अमरेश कुमार ने अपने संबोधन में जिले में बाल विवाह की रोकथाम हेतु किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी तथा बाल संरक्षण से संबंधित प्रावधानों पर प्रकाश डाला. अवर न्यायाधीश सह सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकार सुनील कुमार ने 100 दिवसीय बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत चलाए जा रहे कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी तथा बाल विवाह रोकथाम में विधिक सेवा प्राधिकार की भूमिका को स्पष्ट किया. उन्होंने बताया कि बाल विवाह रोकना केवल प्रशासन का नहीं बल्कि पूरे समाज का दायित्व है. मो. सज्जाद आलम, चाइल्ड राइट एसोसिएट, एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन द्वारा बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा की गई. उन्होंने बताया कि किस प्रकार सामुदायिक सहभागिता, जागरूकता एवं समन्वित कार्ययोजना के माध्यम से पूर्णिया जिले को बाल विवाह मुक्त बनाया जा सकता है. साथ ही बाल विवाह रोकथाम हेतु व्यवहारिक रणनीति पर भी विस्तृत चर्चा की गई. कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों के बीच प्रशिक्षण प्रमाण-पत्र का वितरण किया गया तथा सभी प्रतिभागियों से बाल विवाह मुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया गया.इस कार्यक्रम में पैनल अधिवक्ता, पैरालीगल वॉलिंटियर एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे.
समाज के विकास में बड़ी बाधा है बाल विवाह : प्रधान जिला जज
प्रधान जिला जज बोले
