अमौर. अमौर प्रखंड क्षेत्र के खाड़ी महीनगांव घाट में नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने के कारण यहाँ आवागमन के लिए बना एकमात्र सहारा चचरी का पुल पूरी तरह पानी में डूब चुका है. बीती रात के लगभग आठ बजे यह चचरी पुल डूब गया. इसके बावजूद अंधेरे और पानी के तेज बहाव के बीच ग्रामीणों ने अपनी जान जोखिम में डालकर नदी पार किया. जबकि जलस्तर बढ़ने के कारण किनारे की मिट्टी पूरी तरह दलदल में तब्दील हो गई है. इस घाट पर सबसे ज्यादा परेशानी दोपहिया वाहन चालकों को हो रही है. पानी का बहाव और नीचे की कीचड़ इतनी ज्यादा है कि गाड़ियां बीच नदी और दलदल में फंस जा रही हैं. स्थानीय लोगों ने बताया कि बुधवार की रात करीब 8 बजे चचरी पुल से आवागमन कर रहे थे. पानी बढ़ जाने के कारण एक बाइक को निकालने के लिए तीन से चार लोगों को पानी और कीचड़ में उतरकर भारी मशक्कत करनी पड़ी. . स्थानीय लोगों का कहना है कि नदी का पानी बढ़ने के बाद हर साल इस घाट की स्थिति नारकीय हो जाती है.पुल के अभाव में आपातकालीन स्थिति में मरीजों या गर्भवती महिलाओं को अस्पताल ले जाना भगवान भरोसे हो जाता है.
खाड़ी महीनगांव घाट पर जलस्तर बढ़ने से डूबा चचरी पुल, आवागमन का संकट
आवागमन का संकट
