कसबा. प्रखंड के संझेली पंचायत के कदवा गांव तथा मल्हरिया पंचायत के मल्हरिया गांव में पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग की ओर से आत्मनिर्भर बिहार अभियान के तहत पशु बांझपन निवारण शिविर का आयोजन किया गया. शिविर में क्षेत्र के दर्जनों पशुपालकों ने भाग लिया और अपने पशुओं की जांच करायी. शिविर में पशुपालकों को पशु बांझपन के कारण, उसके निवारण और रोकथाम को लेकर परामर्श दिया गया. साथ ही पशुओं के पोषण, स्वास्थ्य और प्रजनन क्षमता बढ़ाने से जुड़ी जरूरी जानकारियां साझा की गई. कसबा प्रथम वर्गीय पशु चिकित्सा पदाधिकारी डॉ श्रवण कुमार ने बताया कि इस शिविर के माध्यम से स्टॉल लगाकर मिनरल मिक्सचर, विटामिन एडी -3 एच इंजेक्शन, मेट्रोनिडाजॉल सस्पेंशन सहित अन्य आवश्यक दवाओं का वितरण पशुपालकों के बीच किया गया. उन्होंने बताया कि जिन गांवों में पशु बांझपन की शिकायत अधिक मिल रही है, उन्हें जिला पशुपालन पदाधिकारी के निर्देश पर चिह्नित कर विशेष शिविर लगायी जा रही हैं. शिविर में मौजूद पशु चिकित्सक डॉ विकास कुमार ने ठंड के मौसम में पशुओं की देखभाल को लेकर विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने नियमित रूप से कृमिनाशक दवा देने, मिनरल मिश्रण के उपयोग और संतुलित आहार पर विशेष जोर दिया. पशुपालकों को बताया गया कि सही पोषण और समय पर इलाज से बांझपन की समस्या को काफी हद तक दूर किया जा सकता है. इस अवसर पर उपस्थित सभी पशुपालकों और किसानों के बीच कृमिनाशक दवा, मिनरल मिश्रण और भूख बढ़ाने की दवाओं का वितरण किया गया. इस शिविर मुख्य रूप डॉ अजहरुद्दीन समेत दर्जनों पशुपालकों मौजूद थे.
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