हालात पर काबू पाने के लिए पुलिस ने किया बल प्रयोग, एक महिला समेत सात लोग गिरफ्तार
केनगर ( पूर्णिया). जिले के चंपानगर थाना क्षेत्र के मौजा प्रसादपुर में सोमवार को अतिक्रमण हटाने गयी पुलिस टीम पर भीड़ ने अचानक जानलेवा हमला कर दिया. इस घटना में एक चौकीदार गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि कई पुलिसकर्मियों को भी चोटें आयीं हैं. हमले के बाद पुलिस ने हालात पर काबू पाने के लिए बल प्रयोग किया और मौके से एक महिला सहित कुल सात लोगों को गिरफ्तार कर लिया है. बाकी हमलावर मौके से फरार हो गये. प्रशासन ने जमीन को चारों ओर से घेराबंदी कर अपने नियंत्रण में ले लिया है और इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया है.जानकारी के अनुसार, मौजा प्रसादपुर की एक जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था. प्रशासनिक टीम कोर्ट और विभागीय आदेश के तहत जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने पहुंची थी. जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए कोर्ट और प्रशासन के आदेश पर एक टीम गठित की गयी थी. सोमवार को प्रतिनियुक्त कार्यपालक दंडाधिकारी अभय राज, सीओ दिवाकर कुमार और प्रखण्ड पंचायत राज पदाधिकारी चंद्रदेव प्रसाद के नेतृत्व में करीब पांच दर्जन महिला व पुरुष पुलिस बल मौके पर पहुंचे थे. कार्रवाई के दौरान स्थिति अचानक बिगड़ गयी और वहां मौजूद अतिक्रमणकारियों ने विरोध शुरू कर दिया.
कुछ ही देर में मामला हिंसक हो गया और आरोप है कि दर्जनों लोगों ने तीर-धनुष, भाला, लाठी-डंडे और ईंट-पत्थरों से पुलिस टीम पर हमला कर दिया. हमले के दौरान चंपानगर थाना में तैनात ग्रामीण पुलिस (चौकीदार) शंकर पासवान के गर्दन में तीर लग गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गये. उन्हें पहले नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से गंभीर हालत देखते हुए जीएमसीएच रेफर कर दिया गया. इसके अलावा करीब आधा दर्जन अन्य पुलिसकर्मी भी ईंट-पत्थर और तीर लगने से घायल हुए हैं. जीएमसीएच में घायल चौकीदार शंकर कुमार पासवान ने बताया कि चंपानगर थाना क्षेत्र के मलिनिया में जमीन खाली कराने गए हुए थे. इसीबीच करीब तीन सौ की संख्या में लोग आ धमके और पुलिस पर हमला कर दिया. इसी दौरान उसे तीर लग गया. उन्होंने बताया कि अन्य पुलिस कर्मियों को भी चोटें आयी हैं. घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है. पुलिस फरार आरोपितों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है और मामले की जांच जारी है.