छठ पूजा खत्म होते ही ट्रेनों में बढ़ी भीड़, अब काम पर लौटने के लिए हो रही जद्दोजहद

अब काम पर लौटने के लिए हो रही जद्दोजहद

रिजर्वेशन काउंटर पर सुबह से लग रही यत्रियों की लंबी कतार

इस बार वापस लौटने में परेशानी नहीं, चलायी जा रहीं स्पेशल ट्रेनें

पूर्णिया. छठ खत्म होने के बाद ट्रेनों में लगातार भीड़ बढ़ती जा रही है. पर्व में अपने गांव और घर आए परदेशी बाबू अब अपने-अपने काम पर लौटने लगे हैं. सीमांचल एक्सप्रेस और कोलकाता जाने वाली ट्रेनों में काफी भीड़ देखी जा रही है जबकि कटिहार तक जाने वाली ट्रेनों में भी ट्रेन पर सवार होने और जगह पाने के लिए मारामारी की नौबत है. अमूमन यही स्थिति पूर्णिया कोर्ट स्टेशन की भी है जहां दिल्ली और लुधियाना जाने वाले लोगों की भीड़ काफी अधिक है. इधर, पर्व को लेकर रिजर्वेशन की लंबी वेटिंग है. रिजर्वेशन काउंटर पर भी यात्री सुबह से रेल टिकट के लिए कतार में खड़े हो रहे हैं. कई यात्री तत्काल टिकट को लेकर सुकून में हैं.

दरअसल, पर्व खत्म होने के बाद काम पर लौटना लोगों की मजबूरी है. यही कारण है कि पूर्णिया जंक्शन से खुलने वाली हर ट्रेन में एक जैसा हाल है. जितने यात्री बैठे हैं, उससे कहीं ज्यादा लोग खड़े होकर कर रहे सफर कर रहे हैं. वैसे, महापर्व छठ संपन्न होने के बाद अभी बिहार से बाहर जाने वाली ट्रेनों में ज्यादा भीड़ है. भीड़ इतनी कि ट्रेन में चढ़ने के लिए मारामारी की स्थिति है. दूसरी ओर बनमनखी की सवारी भी खूब हो रही है क्योंकि वहां से अपेक्षाकृत ट्रेन की सुविधा अधिक है. वैसे कोर्ट स्टेशन से जनहित और जनसेवा एक्सप्रेस में भी भीड़ बढ़ गई है. लोगों को वापस काम पर लौटने की जल्दी है.

रेलवे ने आसान कर दी राह, स्पेशल ट्रेन की है सुविधा

रेलवे के आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस इलाके में पूजा स्पेशल ट्रेन, कटिहार जोगबनी रेलखंड पर खास तौर पर रेलवे ने त्यौहार के मद्देनजर यह सुविधा मुहैया करायी है. रेल सूत्रों के मुताबिक इसके बाद 14 नवंबर को गुरुवार के दिन अररिया के जोगबनी से सुबह 9 बजे स्पेशल ट्रेन खुलेगी जो 31 घंटा पांच मिनट का सफर तय कर 4.5 बजे शाम में आनंद विहार टर्मिनल पहुंचेगी. इस ट्रेन में स्लीपर क्लास के 16 कोच, थर्ड एवं सेकंड एसी का एक, साधारण द्वितीय श्रेणी के दो, एलएलआर के दो समेत कुल 21 कोच लगाए गए हैं. गौरतलब है कि पूर्णिया समेत पूरे सीमांचल के हजारों लोग दिल्ली और आस पास के राज्यों में नौकरी करते हैं. इस तरह के सभी नौकरीपेशा लोग दशहरा, दीवाली और छठ में अपने गांव और घर लौटते हैं मगर ट्रेनों में जगह नहीं मिलने के कारण आने-जाने में काफी फजीहत उठानी पड़ती है. इस साल रेलवे ने परदेशी बाबुओं के आने-और वापस लौटने के लिए सुविधाओं का खास ख्याल रखा है. यह अलग बात है कि बाहर रहने वाले लोगों की संख्या के मुकाबले तीन फेरा लगाने वाली स्पेशल ट्रेन नाकाफी मानी जा रही है

भीड़ ने बढ़ा दी है रेल अधिकारियों की परेशानी

छठ पर्व खत्म होने के बाद अचानक रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की भीड़ बढ़ गई है जिससे रेल पुलिस, आरपीएफ एवं अन्य रेलवे अधिकारियों का जहां दायित्व बढ़ गया है वहीं परेशानी भी बढ़ गई है. हालांकि सभी मिल कर भीड़ पर कंट्रोल कर रहे हैं. यही वजह है कि अधिक भीड़ होने के बावजूद लोग ट्रेनों पर सवार हो रहे हैं. इस बीच न तो किसी के ट्रेन छूटने की खबर है और न ही कोई घटना-दुर्घटना ही हुई है. जीआरपी और आरपीएफ के अधिकारियों की निगरानी चहुंओर हो रही है. रेल अधिकारियों का कहना है कि अभी अगले तीन-चार दिनों तक भीड़ रह सकती है. पूर्णिया जंक्शन के स्टेशन अधीक्षक मुन्ना कुमार ने बताया कि छठ के बाद लोग अपने काम पर लौट रहे हैं, इसलिए भीड़ बढ़ी है पर यहां सभी कर्मचारी और अधिकारी पूरी तरह मुस्तैद होकर यात्रियों की सुविधाओं का ख्याल रख रहे हैं.

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