अमौर में नदियों का बढ़ा जलस्तर, निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा

पूर्णिया जिले के अमौर प्रखंड में बारिश के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने से बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है. ग्रामीण ऊंचे स्थानों पर शरण लेने को मजबूर हैं.

पूर्णिया (अमौर) : पूर्णिया जिले के अमौर प्रखंड में लगातार हो रही बारिश के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. क्षेत्र से होकर बहने वाली नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है. नदियों में मटमैला पानी आने के बाद नदी किनारे बसे लोगों में बाढ़ का भय गहरा गया है. कई स्थानों पर नदी का पानी खेतों में फैलने लगा है, जबकि कुछ जगहों पर गांवों की ओर भी बढ़ रहा है.

प्रखंड क्षेत्र की कनकई, महानंदा, दास, बकरा एवं परमान नदियों के जलस्तर में लगातार वृद्धि होने से नदी किनारे रहने वाले ग्रामीण सुरक्षित और ऊंचे स्थानों की तलाश में जुट गए हैं. लोगों को एक बार फिर कटाव और संभावित बाढ़ की चिंता सताने लगी है.

महानंदा नदी के किनारे स्थित हफनियां पंचायत के कई गांवों, कनकई नदी के किनारे बसे खाड़ी महीनगांव महेश, डहुआबाड़ी, तालाबड़ी, रंगरैया लालटोली, हरिपुर तथा परमान नदी के किनारे स्थित पोठिया गंगेली पंचायत, विष्णुपुर, अंधाग, झोवारी, बंगरा महदीपुर, बरबट्टा, आमगाछी, नितेंद्र, मच्छट्टा और अमौर नगर पंचायत के लोग संभावित बाढ़ को लेकर चिंतित हैं.

ग्रामीणों का कहना है कि जुलाई और अगस्त में लगातार बारिश के कारण हर वर्ष नदियों का जलस्तर बढ़ जाता है और बाढ़ की स्थिति बन जाती है. इसी आशंका को देखते हुए लोग अभी से ऊंचे स्थानों की तलाश कर रहे हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर शरण ले सकें.

स्थानीय लोगों ने बताया कि लगातार बारिश के कारण कनकई, महानंदा, परमान, बकरा और दास नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. कई स्थानों पर नदी का पानी खेतों में प्रवेश कर चुका है, जबकि कुछ इलाकों में गांवों की ओर भी बढ़ने लगा है. प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है.


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Author: Sunil Kumar

Published by: Shruti Kumari

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