पूर्णिया जिले के अमौर प्रखंड अंतर्गत आमगाछी पंचायत में आगामी 21 जुलाई को एक विशेष सहयोग शिविर (जनता दरबार) का आयोजन होने जा रहा है. इस शिविर का मुख्य उद्देश्य स्थानीय ग्रामीणों की रोजमर्रा की समस्याओं का मौके पर ही निपटारा करना और विभिन्न कल्याणकारी सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ जनता तक पहुंचाना है. शिविर की सफलता और सुचारू संचालन को लेकर आमगाछी पंचायत के मुखिया मोहम्मद सनव्वर आलम ने क्षेत्र के नागरिकों से इस शिविर में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की पुरजोर अपील की है.
कतारों से बचने के लिए अग्रिम आवेदन की प्रक्रिया शुरू
शिविर के दिन अत्यधिक भीड़ और अव्यवस्था से बचने के लिए पंचायत प्रशासन ने एक अनूठी पहल की है:
- पहले से लिए जा रहे आवेदन: मुखिया मो. सनव्वर आलम ने जानकारी देते हुए बताया कि ग्रामीणों की सुविधा के लिए उनकी समस्याओं से संबंधित लिखित आवेदन लेने की प्रक्रिया अभी से ही शुरू कर दी गई है.
- इन योजनाओं पर रहेगा फोकस: ग्रामीण अपनी किसी भी समस्या, जैसे—नया राशन कार्ड बनवाना या सुधार, वृद्धावस्था/विधवा पेंशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री सड़क योजना, बिजली बिल में गड़बड़ी या अन्य किसी भी विकासात्मक योजना से जुड़ी शिकायत का आवेदन दे सकते हैं.
- जमा करने का स्थान: जरूरतमंद लोग पंचायत कार्यालय या निर्धारित काउंटर पर जाकर अपना आवेदन समय पर जमा कर दें, ताकि 21 जुलाई को लगने वाले मुख्य शिविर में संबंधित विभाग के अधिकारी उस पर त्वरित (ऑन-स्पॉट) कार्रवाई कर सकें.
शिविर के तीन मुख्य लक्ष्य और प्रशासनिक मुस्तैदी
इस विशेष सहयोग शिविर का आयोजन जिला व प्रखंड स्तरीय प्रशासनिक अधिकारियों और पंचायत प्रतिनिधियों की संयुक्त उपस्थिति में किया जाएगा. इसके मुख्य उद्देश्य इस प्रकार निर्धारित किए गए हैं:
- त्वरित एवं समयबद्ध समाधान: जनता की शिकायतों को सीधे मंच से सुनकर उनका मौके पर ही (ऑन-स्पॉट) या एक निश्चित समय सीमा के भीतर कानूनी समाधान निकालना.
- भ्रष्टाचार पर लगाम: सरकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ बिना किसी बिचौलिए या दलाल के, सीधे असली जरूरतमंदों और पात्र परिवारों तक पहुंचाना.
- डिजिटल व सामाजिक जागरूकता: ग्रामीणों को उनके मौलिक अधिकारों, लोक सेवाओं के अधिकार (RTPS) और सरकार द्वारा चलाई जा रही नई कल्याणकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करना.
कमजोर और वंचित वर्ग से मुखिया ने की विशेष अपील
मुखिया ने पंचायत के सभी वार्डों के नागरिकों, विशेषकर बुजुर्गों, महिलाओं, दिव्यांगों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों से मार्मिक अपील की है कि वे इस सुनहरे अवसर का पूरा लाभ उठाएं. उन्होंने कहा कि ग्रामीण अपनी समस्याओं को बिना किसी डर या हिचकिचाहट के सीधे प्रशासन के सामने रखें. शिविर को लेकर पंचायत स्तर पर विभिन्न वार्ड सदस्यों को भी ज़िम्मेदारी सौंपी गई है ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति अपनी समस्या दर्ज कराने से वंचित न रह जाए.
