पूर्णिया. पूर्णिया विवि में कार्यरत आउटसोर्सिंग कर्मियों को पिछले एक साल में नियोक्ता एजेंसी ने 10 लाख से अधिक का चूना लगाया है. कर्मियों के निर्धारित मानदेय में औसतन एक हजार कम का भु्गतान किया गया है. किसी-किसी कर्मी के तो तीन हजार रुपये काट लिये गये हैं. आउटसोर्सिंग कर्मियों के आंदोलन के बाद अब पूर्णिया विवि की आउटसोर्सिंग एजेंसी की कलई खुल गयी है. जानकारी के अनुसार, पूर्णिया विवि में करीब 89 कर्मचारी आउटसोर्सिंग के रूप में काम कर रहे हैं. इनमें से 28 कर्मी सिक्योरिटी और 61 कर्मी प्रशासकीय कार्य में शामिल हैं. प्रावधानों के मुताबिक कर्मचारियों के रिक्त पदों के आलोक में पूर्णिया विवि आउटसोर्सिंग के तहत अपने कार्य का संचालन कर रही है. पूर्णिया विवि के निर्देश पर अंगीभूत कॉलेजों में भी आउटसोर्सिंग एजेंसी का चयन कर उनके कर्मचारियों से काम लिया जा रहा है. मगर पगार में कटौती को लेकर जब से आउटसोर्सिंग कर्मी आंदोलन पर उतारू हुए हैं, तब से पूर्णिया विवि भी काफी पशोपेश में हैं. 17 जनवरी को आउटसोर्सिंग कर्मियों के आंदोलन को स्थगित कराने में विवि प्रशासन को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी. कल आउटसोर्सिंग एजेंसी के साथ विवि प्रशासन की बैठक आउटसोर्सिंग कर्मियों के भुगतान में कटौती के मसले को लेकर 20 जनवरी को एजेंसी के साथ विवि प्रशासन की बैठक होगी. इस बैठक में आउटसोर्सिंग कर्मियों के आरोपों पर आउटसोर्सिंग एजेंसी से विवि प्रशासन दो टूक शब्दों में स्पष्टीकरण लेगा. दरअसल, यह पहला मौका है, जब विवि प्रशासन के समक्ष ऐसी स्थिति आयी है. इसलिए विवि प्रशासन भी चाहता है कि इस मामले में निष्पक्ष तरीके से आउटसोर्सिंग कर्मियों के हित में रास्ता निकाला जाये. कुलानुशासक सह उपकुलसचिव प्रशासन प्रो. पटवारी यादव ने बताया कि आउटसोर्सिंग एजेंसी के संचालक को सोमवार को विवि तलब किया गया है. जांच कमेटी पर भी बढ़ गया है दबाव बीते आठ जनवरी को कॉलेजों में कार्यरत आउटसोर्सिंग कर्मियों को किये जा रहे भुगतान की पूर्णिया विवि ने जांच करने का निर्णय लिया था. इसे लेकर कुलपति प्रो पवन कुमार झा के निर्देश पर पूर्णिया विवि ने चार सदस्यीय कमेटी गठित की. इस जांच कमेटी में प्रो. संतोष कुमार सिंह, विभागाध्यक्ष, विवि मनोविज्ञान विभाग, डॉ मनोज कुमार, उपकुलसचिव (शैक्षणिक), डॉ. सुमन सागर असिस्टेंट रजिस्ट्रार (लीगल) और प्रो प्रकाश रंजन दीन, बजट ऑफिसर शामिल किये गये. आउटसोर्सिेग कर्मियों के आंदोलन के बाद जांच कमेटी पर भी दबाव बढ़ गया है कि वह जल्द से जल्द अपनी रिपोर्ट विवि प्रशासन को दे ताकि उसपर विवि प्रशासन अग्रेतर कार्यवाही कर सके. फोटो. 18 पूर्णिया 4 परिचय- पूर्णिया विवि
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